जालंधर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पंजाब के जालंधर जिले में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने संत गुरु रविदास की 649वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहीं, आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट,आदमपुर’ रखा। इसके साथ ही लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट पर बने नए सिविल टर्मिनल भवन का भी वर्चुअल उद्घाटन किया।
डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे पीएम मोदी : प्रधानमंत्री संसद में केंद्रीय बजट पेश होने के बाद दिल्ली से दोपहर करीब 3:45 बजे आदमपुर एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद उन्होंने जालंधर के बल्लां गांव में स्थित डेरा सचखंड बल्लां का दौरा किया। गुरु रविदास को समाज सुधारक और महान कवि के रूप में जाना जाता है। जालंधर के बल्लां में स्थित यह डेरा राज्य में रविदासिया समुदाय का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र माना जाता है।
गुरु रविदास जयंती और माघ पूर्णिमा के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पंजाबी में कहा कि ‘मैं पंजाब दी इस धरती नूं नमन करदा हां। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास की शिक्षाएं समानता,मानवता और सामाजिक न्याय का संदेश देती हैं और आज भी देश को दिशा दिखाती हैं।
देश गुरु रविदास से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रहा : पीएम मोदी ने कहा कि वे लोकसभा में वाराणसी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो गुरु रविदास की जन्मस्थली भी है। वाराणसी के लोगों के आशीर्वाद से मुझे वहां से सांसद के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने यह भी कहा कि देश गुरु रविदास से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रहा है और संत के आशीर्वाद से ‘विकसित भारत’के लक्ष्य को जरूर हासिल किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में डेरा सचखंड बल्लां द्वारा किए जा रहे कार्यों की खुलकर सराहना की। बता दें कि डेरा प्रमुख संत निरंजन दास को हाल ही में 25 जनवरी को पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है,जो देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है।
आदमपुर एयरपोर्ट का बदला गया नाम : इससे पहले पीएम मोदी ने आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास के नाम पर रखने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट पर बने सिविल टर्मिनल भवन का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह टर्मिनल भारतीय वायुसेना के हलवारा बेस पर विकसित किया गया है और इससे पंजाब की हवाई कनेक्टिविटी को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हलवारा एयरपोर्ट पर बने सिविल टर्मिनल भवन का वर्चुअल उद्घाटन
54.67 करोड़ रुपये की लागत से बने इस टर्मिनल प्रोजेक्ट को पंजाब सरकार और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के संयुक्त सहयोग से पूरा किया गया है। नए टर्मिनल के चालू होने से उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। रायकोट उप-मंडल में भारतीय वायुसेना के बेस पर विकसित यह सिविल टर्मिनल क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के साथ-साथ औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी गति देगा।
पहले लुधियाना एयरपोर्ट की रनवे अपेक्षाकृत छोटी थी,जो छोटे विमानों के लिए ही उपयुक्त थी। बेहतर कनेक्टिविटी और बड़े विमानों की आवाजाही के लिए हलवारा में नया सिविल एन्क्लेव विकसित किया गया है,जिसकी लंबी रनवे A320 श्रेणी के विमानों को संभालने में सक्षम है। इस टर्मिनल में कई हरित और ऊर्जा-कुशल सुविधाएं शामिल हैं-जैसे एलईडी लाइटिंग, इंसुलेटेड रूफिंग, वर्षा जल संचयन प्रणाली, सीवेज और जल शोधन संयंत्र तथा लैंडस्केपिंग के लिए पुनर्चक्रित जल का उपयोग।
टर्मिनल का वास्तुशिल्प डिजाइन पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। करीब 2,000 वर्ग मीटर में निर्मित यह टर्मिनल पीक आवर में लगभग 300 यात्रियों को संभालने और सालाना दो लाख यात्रियों की क्षमता रखता है। गौरतलब है कि लुधियाना के उद्योगपतियों की लंबे समय से यह मांग रही है कि शहर से सीधी हवाई सेवाएं उपलब्ध हों, क्योंकि अब तक उन्हें दिल्ली, चंडीगढ़ या अमृतसर से उड़ान लेनी पड़ती थी। उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
