पूर्व मुख्यमंत्री के दौरे में बिजली काटकर घटिया राजनीति कर रही कांग्रेस : जय सिंह
बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर भाजपा का सांकेतिक धरना, लगाए मुर्दाबाद के नारे
जयराम ठाकुर की जनसभा में बिजली कटौती को बताया कांग्रेस की ओछी राजनीति
त्योहारी सीजन के बाद बिजली बोर्ड के खिलाफ उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
एएम नाथ। चम्बा : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के चंबा दौरे के दौरान जनसभा में बिजली कटौती का मामला तूल पकड़ने लगा है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य एवं वरिष्ठ एडवोकेट जय सिंह ने सोमवार को बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन कर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान बिजली बोर्ड के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। जय सिंह ने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर की जनसभा के दौरान बिजली काटना कांग्रेस की घटिया राजनीति और ओछी मानसिकता को दर्शाता है।
जय सिंह ने कहा कि बीते सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के चंबा दौरे के दौरान भाजपा की जनसभा में भारी जनसमूह उमड़ा था। भाजपा के इस जनसमर्थन को देखकर कांग्रेस पार्टी पूरी तरह बौखला गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
उन्होंने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर जनता को संबोधित करने के लिए मंच पर पहुंचे, उसी दौरान बिजली कटौती की गई। इससे उनके भाषण में व्यवधान पैदा करने की कोशिश की गई। जय सिंह ने आरोप लगाया कि बिजली बोर्ड के कुछ अधिकारी कांग्रेस नेताओं को खुश करने के लिए काम कर रहे थे। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों और कांग्रेस पार्टी का पक्ष सामने आना बाकी है।
जय सिंह ने कहा कि जयराम ठाकुर आम जनता के दिलों में बसते हैं और उनकी जनसभाओं में उमड़ने वाली भीड़ भाजपा के प्रति लोगों के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने प्रदेश की जनता और जिला चंबा की लगभग साढ़े छह लाख आबादी का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं हैं।
उन्होंने बिजली बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उनके अनुसार, बिजली कटौती से जुड़े अधिकारियों की जानकारी जुटाई गई है और आने वाले समय में इस मामले को आगे उठाया जाएगा।
जय सिंह ने कहा कि फिलहाल त्योहारी सीजन चल रहा है, इसलिए अभी सांकेतिक धरना दिया गया है। त्योहार समाप्त होने के बाद बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है और जनता के सामने पूरे मामले को उठाएगी।
उन्होंने प्रदेश सरकार से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने और बिजली कटौती के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
