ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने पंजाब में नशे और भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि 2012 के राजाकंदोला ड्रग केस और इसमें शामिल एआईजी राजजीत सिंह के मामले को तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दबा दिया था। पूर्व अधिकारी के मुताबिक, पंजाब में नशा, अवैध माइनिंग और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो दशक से हर सरकार ने नशे के खिलाफ जंग का दावा किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई केवल रिकवरी बढ़ी। निरंजन सिंह ने बताया कि ईडी में रहते हुए जब उन्होंने इन मामलों की जांच शुरू की, तो उन्हें दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया ताकि जांच रुक सके। उन्होंने कहा इतनी बड़ी फोर्स और एजेंसियां होने के बावजूद सरकार एक एआईजी स्तर के अफसर को भी नहीं पकड़ पा रही, यह अफसोसजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजाकंदोला की संपत्ति ईडी ने अटैच की थी, लेकिन पुलिस की जांच फेल होने से आरोपी बरी हो गए।
एआईजी राजजीत की फाइल भी ईडी दफ्तर से दिल्ली मंगवा ली गई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पूर्व अधिकारी ने कहा कि मौजूदा सरकार ने भले ही राजजीत को डिसमिस कर दिया हो, लेकिन उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं
