जालंधर : पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रनिंदर सिंह के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। केंद्रीय एजेंसी ने पिता-पुत्र को विदेशी संपत्तियों के मालिकाना हक और कथित अवैध लेनदेन के मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। ईडी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को आज, गुरुवार (12 फरवरी 2026) को अपने जालंधर स्थित आंचलिक कार्यालय में पेश होने का आदेश दिया था, जबकि उनके बेटे रनिंदर सिंह को कल यानी शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
अस्पताल में भर्ती हैं कैप्टन, मिलेगी नई तारीख : सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह आज ईडी के समक्ष पेश नहीं हो पाएंगे। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्हें हाल ही में मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिस वजह से वे जालंधर नहीं आ सकते। माना जा रहा है कि उनकी लीगल टीम ईडी को उनकी मेडिकल स्थिति की जानकारी देगी, जिसके बाद एजेंसी उन्हें अपना बयान दर्ज कराने के लिए कोई नई तारीख दे सकती है। हालांकि, रनिंदर सिंह के कल पेश होने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन एजेंसी की यह कार्रवाई पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सितंबर 2025 के उस आदेश के बाद हो रही है, जिसमें कोर्ट ने ईडी की जांच रोकने की उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया था।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला साल 2011 में फ्रांस सरकार द्वारा भारत को दी गई खुफिया वित्तीय जानकारी से जुड़ा है। आरोपों के मुताबिक, अमरिंदर सिंह और उनका परिवार विदेशी व्यापारिक संस्थाओं (Trusts) के जरिए विदेशों में संपत्तियां होल्ड करते हैं और वे स्विट्जरलैंड के बैंक खातों के लाभार्थी (Beneficiary) हैं। साल 2016 में आयकर विभाग ने भी इस मामले में जांच और छापेमारी की थी, जिसमें विदेशी संपत्तियों के सुराग मिले थे। इसी आधार पर अब ईडी फेमा के तहत यह जांच कर रही है कि क्या इन विदेशी संपत्तियों और फंड्स के लेनदेन में भारतीय कानूनों का उल्लंघन किया गया है या नहीं
