प्रवासी हिमाचलियों के बच्चों के लिए पांच प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की मांग
एएम नाथ। नई दिल्ली : हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रवासी हिमाचलियों से अपने मूल राज्य के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखने का आह्वान किया। वह शनिवार को शाह ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में हिमाचल मंडी जनकल्याण सभा द्वारा आयोजित सैर उत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर आयोजकों की ओर से जय राम ठाकुर को सम्मानित भी किया गया।
जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचली देश के विभिन्न हिस्सों में रहकर व्यापार, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ें, लेकिन अपनी जन्मभूमि, संस्कृति, सभ्यता और पहचान को हमेशा अपने दिल में बनाए रखें। उन्होंने कहा कि प्रवासी हिमाचली देशभर में हिमाचल के राजदूत की तरह कार्य करते हुए प्रदेश की विशिष्ट पहचान को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं और कोविड महामारी के दौरान हिमाचली संस्थाओं द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 2.5 लाख लोग अपने मूल राज्य हिमाचल लौटे थे। उस समय दिल्ली में रह रही हिमाचली संस्थाओं ने उनके ठहरने, भोजन तथा उन्हें उनके गांवों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण सहयोग किया।
नेता प्रतिपक्ष ने पिछले वर्ष मानसून के दौरान हिमाचल में आई बाढ़ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रवासी हिमाचली संस्थाओं ने दूरदराज क्षेत्रों में राहत शिविर लगाकर प्रभावित लोगों की मदद की। उन्होंने सभा द्वारा स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की भी सराहना की और भविष्य में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रवासी हिमाचलियों से अपनी प्रतिभा का उपयोग प्रदेश की प्रगति के लिए करने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने सभा को अपनी ऐच्छिक निधि से 51 हजार रुपये देने की घोषणा की।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि वह पिछले 25 वर्षों से संस्था से जुड़े हैं और इस दौरान सभा ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
सभा के अध्यक्ष केआर वर्मा ने प्रवासी हिमाचलियों के बच्चों को मेडिकल कॉलेजों और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में हिमाचली छात्रों के समान अवसर देने की मांग उठाई। उन्होंने पांच प्रतिशत सीटें प्रवासी हिमाचली छात्रों के लिए आरक्षित करने का अनुरोध किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हिमाचलियों को सम्मानित किया गया तथा हिमाचली रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
