प्लेन क्रैश में भी कैसे बचे जिंदा…रमेश विश्वास कुमार ने बताया – सीट समेत मैं बाहर गिर गया…प्लेन से कूदा नहीं था

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अहमदाबाद में हुए एक भयानक विमान हादसे ने पूरे देश ही नहीं विदेश के लोगों को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार से टेकऑफ करते वक्त विमान सीधे एक अस्पताल के हॉस्टल की बिल्डिंग में जा घुसा।

तेज धमाके, आग, धुआं और चीखों के बीच हर कोई सकते में था. इस हादसे में जहां 265 लोगों की जानें चली गईं, वहीं चमत्कारिक रूप से बचे प्लेन में सफर कर रहे रमेश विश्वास कुमार से आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

मैं कैसे बचा :  अस्पताल के बिस्तर पर लेटे विश्वास कुमार ने एक न्यूज चैनल को आपबीती सुनाई, उन्होंने बताया कि प्लेन जैसे ही रनवे पर स्पीड पकड़ने लगा, तभी कुछ अजीब-सा लगा. अचानक 5-10 सेकंड के लिए सब जैसे रुक गया था. सन्नाटा, फिर एकदम से ग्रीन और व्हाइट लाइट्स ऑन हो गईं. लगता था जैसे टेकऑफ के लिए पायलट ने पूरा जोर लगा दिया हो. बस फिर क्या था वो रफ्तार सीधा हॉस्टल की बिल्डिंग में जा घुसी।

मैं जिस साइड में बैठा था, वही नीचे वाला हिस्सा था :  विश्वास ने बताया कि मेरी सीट प्लेन के जिस हिस्से में थी, वो बिल्डिंग के निचले हिस्से से टकराया होगा. ऊपर के हिस्से में आग लग गई थी, कई लोग वहीं फंसे रह गए. शायद मैं सीट सहित नीचे गिर गया था. मैं जैसे-तैसे निकल पाया. दरवाजा टूट गया था, और सामने कुछ खाली जगह दिखी, तो निकलने की कोशिश की. वे बताते हैं कि दूसरी साइड पर दीवार थी, वहां से शायद कोई नहीं निकल सका. रमेश विश्वास ने बताया कि उनकी आंखों के सामने ही दो एयर होस्टेस, एक अंकल-आंटी और सबकुछ जल रहा था. इस हादसे में विश्वास का बायां हाथ बुरी तरह जल गया, लेकिन जान बच गई. वह बताते हैं कि जैसे ही बाहर आया, आग फैल रही थी। कुछ सेकंड और देर होती तो शायद…

भाई भी साथ कर रहा था सफर

लंदन में आजतक ने रमेश के परिजनों से बात की. ब्रिटेन के लेस्टर निवासी रमेश विश्वास और अजय दो भाई थे. दोनों साथ में सफर कर रहे थे. विश्वास के एक अन्य भाई नयन ने बताया, हमारी विश्वास से बात हुई थी, वह अस्पताल में हैं और फिलहाल ठीक हैं. लेकिन दूसरे भाई अजय के बारे में कुछ भी पता नहीं है. हम लगातार जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा, हम अगली फ्लाइट से भारत रवाना हो रहे हैं. बस यही उम्मीद है कि जैसे विश्वास सुरक्षित हैं, अजय के बारे में भी कोई अच्छी खबर मिले।

जब उनसे पूछा गया कि विश्वास ने हादसे के बारे में क्या बताया, तो उन्होंने कहा, उन्हें भी नहीं पता कि विमान कैसे क्रैश हुआ. उन्होंने बस इतना कहा कि मुझे नहीं मालूम मैं कैसे बचा. रमेश के जिंदा बचने से परिवार को संतोष है तो वहीं अजय के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पाने की वजह से परेशान है. पिता और माता के साथ विश्वास की पत्नी भी गहरे सदमे में हैं. पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है. परिवार के सभी सदस्य, पड़ोसी और दोस्त इस घटना से काफी परेशान हैं।

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