फरीदकोट : पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 454 फार्मेसी अफसर पदों की भर्ती के लिए रविवार को आयोजित लिखित परीक्षा के दौरान हाईटेक तरीके से नकल कराने के प्रयास का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने वाले एक कथित नेटवर्क का पता चलने के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कार्रवाई की। इस दौरान कई अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की सूचना है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज तथा जिला पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। हिरासत में लिए गए अभ्यर्थियों की संख्या और उनके खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई को लेकर भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार परीक्षा के दौरान पुलिस को एक ऐसे गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिली, जो ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने कथित गिरोह के कुछ सदस्यों तक पहुंचने के बाद उनकी निशानदेही पर विभिन्न परीक्षा केंद्रों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई अभ्यर्थियों के पास से संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने की बात सामने आई है, जबकि कुछ संदिग्ध मौके से निकलने में सफल रहे।
जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में फार्मेसी अफसरों के 454 पदों पर भर्ती प्रक्रिया के संचालन की जिम्मेदारी बाबा फरीद यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट को सौंपी थी। इसके तहत रविवार को आयोजित लिखित परीक्षा में प्रदेशभर से लगभग 7 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा के लिए फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे। सूत्रों का दावा है कि पुलिस को फरीदकोट में 11, कोटकपूरा में 6 तथा फिरोजपुर में 25 संदिग्ध अभ्यर्थियों द्वारा ब्लूटूथ डिवाइस के इस्तेमाल की सूचना मिली थी। इसके बाद संबंधित परीक्षा केंद्रों पर जांच और कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि इन आंकड़ों की भी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। इलेक्ट्रोनिक उपकरणों की जांच, संदिग्ध अभ्यर्थियों से पूछताछ तथा गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस और यूनिवर्सिटी की ओर से विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।
