पंजाब-हिमाचल सीमा पर पोलियां में प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को एक सप्ताह का अल्टीमेटम
पोलियां/ गढ़शंकर, 4 नवंबर । गांव गज्जर में बच्चों के बीच हो रहे झगड़े को शांत करवाने पहुंचे असमैल खान की पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई। 24 अक्टूबर को हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल असमैल खान ने 1 नवंबर को दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने पंजाब-हिमाचल प्रदेश सीमा पर पोलियां में सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक यातायात जाम कर प्रदर्शन किया और माहिलपुर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
मृतक के रिश्तेदार कासिम दीन निवासी गांव बेलोवाल, जिला ऊना (हिमाचल प्रदेश) ने आरोप लगाया कि 24 अक्टूबर की रात वे परिवार सहित गांव गज्जर में अपने रिश्तेदार के घर विवाह समारोह में शामिल होने आए थे। इस दौरान डीजे के पास बच्चों के बीच झगड़ा हो रहा था। बलवीर खान ने बीच-बचाव करते हुए बच्चों को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी बात को लेकर गांव के कुछ लोगों ने हथियारों से हमला कर दिया। घायलों को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में भी उन्हें घेरकर मारपीट की गई।
एक सप्ताह में गिरफ्तारी नहीं हुई तो थाने के सामने धरना
हमले में घायल असमैल खान की पीजीआई में मौत के बाद प्रदर्शनकारियों ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई। उन्होंने पुलिस को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए तो माहिलपुर थाने के सामने धरना दिया जाएगा।
एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी जल्द काबू होंगे : एसएचओ
ट्रैफिक जाम की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। थाना माहिलपुर की एसएचओ रमनदीप कौर ने बताया कि मामले में पहले ही केस दर्ज किया जा चुका है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फोटो कैप्शन : पोलियां घाटी में ट्रैफिक जाम कर प्रदर्शन करते मृतक असमैल खान के परिजन और अन्य लोग।
