एएम नाथ। केलांग, 9 सितंबर: जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और अधिकारों को लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को स्कूलों से जोड़ने, बाल श्रम रोकने और POCSO कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को आर्थिक या सामाजिक कारणों से शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। प्रवासी मजदूरों के बच्चों की पहचान कर उनका स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित करने के साथ उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए शिक्षा विभाग, पुलिस और बाल कल्याण समिति को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने ढाबों, होटलों, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठानों में बाल श्रम की रोकथाम के लिए नियमित निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने को कहा। साथ ही ‘यहां बाल श्रम नहीं कराया जाता’ संबंधी घोषणा प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करवाने के निर्देश दिए।
POCSO और बच्चों की सुरक्षा पर जागरूकता
उन्होंने विद्यालयों में POCSO कानून, बाल अधिकारों और सुरक्षा उपायों को लेकर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा बच्चों की काउंसलिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक में मिशन वात्सल्य, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, बाल गोद लेने की व्यवस्था, चाइल्ड हेल्पलाइन, किशोर न्याय बोर्ड और विशेष किशोर पुलिस इकाई के कामकाज की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं, खेल संसाधनों और अन्य कमियों का आकलन कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और बैठक में लिए गए निर्णयों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
