भाजपा कार्यकर्ताओं पर शिकायत मिलते ही कार्रवाई, विरोधियों के खिलाफ शिकायतों पर नहीं; लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की नीतियों का विरोध जारी रखेगी भाजपा
बिलासपुर। भाजपा ने घुमारवीं से जुड़े पुलिस कार्रवाई और शिकायतों के विवाद को लेकर बिलासपुर में प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर राजनीतिक विरोधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं से जुड़े मामलों में अलग-अलग मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। इससे पहले भाजपा कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और ज्ञापन भी दे चुके हैं।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक विरोधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने के लिए मुकदमों और प्रशासनिक दबाव का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक अभियान चलाने वालों के खिलाफ शिकायतें दिए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हो जाती है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने घुमारवीं का मामला उठाते हुए कहा कि एक पूर्व मंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री को लेकर शिकायतें मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। भाजपा की ओर से पहले भी पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर शिकायतों पर निष्पक्ष और समान कार्रवाई की मांग की गई थी।
अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई की अपील
नेता प्रतिपक्ष ने अधिकारियों से संविधान, कानून और अपनी शपथ के अनुसार निष्पक्ष तरीके से काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को राजनीतिक दबाव से दूर रहकर संवैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए। उनका कहना था कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं में लोगों का विश्वास बना रहना जरूरी है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुकदमों और सरकारी कार्रवाई से भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उठाती रहेगी।
इस दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग, बिलासपुर सदर विधायक त्रिलोक जमवाल, झंडूता विधायक जीतराम कटवाल सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा का घुमारवीं में पुलिस कार्रवाई में कथित भेदभाव को लेकर धरना-अनशन भी जारी है।
