माता का स्थान देकर दिया मोक्ष
बीबीएन, 3 अप्रैल (तारा) : बद्दी उपमंडल के माजरू गांव मे आयोजित श्रीमद्भागवत पुराण कथा के छठे दिन भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का बखान किया गया। व्यास पंडित प्रकाश चंद गर्गाचार्य ने पूतना वध कथा के साथ कृष्ण और बलराम जी का नामकरण कथा सुनाई, जिसमें कंस की ओर से भेजी गई राक्षसी पूतना का वध बाल कृष्ण ने किया। पूतना सुंदर स्त्री का रूप धारण कर विषैला दूध पिलाकर कृष्ण को मारने आई। पूतना का कृष्ण ने दूध के साथ प्राण भी चूस लिए। दर्द से व्याकुल होकर पूतना अपने असली विशाल राक्षसी रूप में आ गई और चिल्लाती हुई पृथ्वी पर गिरकर मर गई। भगवान कृष्ण ने उसे माता का स्थान दिया और उसे मोक्ष प्रदान किया।
कृष्ण और बलराम का नामकरण महर्षि गर्ग ने नंदराय के घर में गुप्त रूप से किया था। गर्ग मुनि ने रोहिणी के पुत्र का नाम उनके बल के कारण ‘राम’ (बलराम,बलभद्र) और यदुवंशियों को जोड़ने के कारण ‘संकर्षण’ रखा तथा देवकी के पुत्र का नाम ‘कृष्ण’ रखा। इस मौके पर डॉ. प्रवीण, आरएल मोहिल, अच्छरपाल कौशल, बंत सिंह, दलीप सिंह, संजय शर्मा, बंसत सिंह, राम कोल नंबरदरा, सुराज माजरा, अमर चंद , दीपू, रामलाल ने भाग लिया।
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माजरू गांव में श्रीमदभागवत कथा का श्रवण करते हुए स्थानीय महिलाएं
