भोरंज की 259 बेसहारा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा को दिए 45.47 लाख रुपये : 9 बेसहारा बच्चों को मकान निर्माण के लिए दिए 19.11 लाख रुपये

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इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत किया गया है इसका प्रावधान
एसडीएम ने की महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा
एएम नाथ। भोरंज 07 मार्च। महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं से संबंधित खंड स्तरीय समितियों की बैठक शनिवार को एसडीएम शशिपाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें इन सभी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की समीक्षा करते हुए एसडीएम ने कहा कि बेटा-बेटी में भेदभाव को समाप्त करने, प्रतिभाशाली बेटियों को प्रोत्साहित करने तथा इनके माध्यम से अन्य बेटियों को भी प्रेरित करने के लिए प्रत्येक पंचायत की 3-3 प्रतिभाशाली ‘चैंपियन’ बेटियों की पहचान करके उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जा रहा है। किशोरियों के लिए स्वास्थ्य जांच एवं जागरुकता शिविर लगाए जा रहे हैं। समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और व्यवहार परिवर्तन के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।
एसडीएम ने कहा कि भोरंज ब्लॉक में 234 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 माह से 6 वर्ष तक के 2603 बच्चों को तथा 690 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषाहार प्रदान किया जा रहा है। इसकी गुणवत्ता और वितरण में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस वित्त वर्ष के दौरान भोरंज में अभी तक मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की 2 लाभार्थियों को 1.02 लाख रुपये, मुख्यमंत्री शगुन योजना की 8 लाभार्थियों को 2.48 लाख रुपये, विधवा पुनर्विवाह की एक लाभार्थी को दो लाख रुपये, बेटी है अनमोल योजना की 7 लाभार्थियों को 1.47 लाख रुपये, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना की 259 लाभार्थियों को 45.47 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। भोरंज के 28 बेसहारा बच्चों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। ऐसे 9 बच्चों को मकान बनाने हेतु 19.11 लाख रुपये, 4 युवाओं की शादी के लिए आठ लाख रुपये की राशि जारी की गई है।
एसडीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना और इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल हैं। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना से बेसहारा बच्चों और युवाओं को बहुत बड़ा सहारा मिल रहा है। इसी प्रकार, विधवा, परित्यक्ता या अन्य एकल नारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना काफी मददगार साबित हो रही है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लोग इनका भरपूर लाभ उठा सकें।
बैठक में सीडीपीओ सुनील कुमार ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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