महामाया श्रीबाला सुंदरी मंदिर में 3000 दीपों से होगी महाआरती : चैत्र नवरात्र मेले के लिए खास तैयारी

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नाहन :  उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ महामाया श्री बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में इस बार चैत्र नवरात्र मेले में पहली बार शिव तालाब मंदिर में 3 हजार देसी घी के दीपक जलाकर शिव-गौरा महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

मंदिर न्यास के संयुक्त आयुक्त एवं एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने बताया कि 19 व 26 मार्च और 1 अप्रैल को होने वाली यह महाआरती श्रद्धालुओं को एक दिव्य अनुभव प्रदान करेगी। इसके साथ ही शिव तालाब में नौका विहार की व्यवस्था भी इस बार विशेष आकर्षण के रूप में जोड़ी गई है।

200 सीसीटीवी कैमरे स्थापित

मेले के सफल आयोजन को लेकर प्रशासन और मंदिर न्यास ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए करीब 200 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 70 पुलिस जवान, 150 होमगार्ड और 150 निजी सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा मंदिर न्यास के लगभग 100 कर्मचारी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में जुटे रहेंगे।

पार्किंग की सुविधा

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। हिमुडा की 86 बीघा भूमि के साथ-साथ सरकारी और निजी जमीन पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहां करीब 200 भारी वाहनों, 1000 कारों और 1000 से अधिक दोपहिया वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा।

मेला क्षेत्र में 6 ब्लॉक विभाजित

मेला क्षेत्र को 6 ब्लॉक में विभाजित किया गया है, जहां चिह्नित स्थानों पर ही लंगर लगाने की अनुमति होगी। निजी स्तर पर लंगर लगाने के लिए 5000 रुपये का न्यूनतम शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं फूड सेफ्टी विभाग को मेले में बिकने वाली खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर न्यास को इस बार दुकानों, झूलों और पार्किंग के आवंटन से लगभग 25 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है।

हर वर्ष की तरह इस बार भी हिमाचल प्रदेश सहित हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से लाखों श्रद्धालु माता के दरबार में शीश नवाने पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।

मंदिर के संयुक्त आयुक्त ने बताया कि सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, ताकि चैत्र नवरात्र मेले शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें।

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