चंडीगढ़, 30 सितंबर। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी एवं मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने श्री आनंदपुर साहिब स्थित एसजीपीसी सराय में बहरीन की एक महिला के ठहरने को लेकर शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया तथा एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पन्नू ने दावा किया कि वह इस मामले को लेकर पहले भी करीब चार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं, लेकिन उनके द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि किसी महिला के एसजीपीसी की सराय में लंबे समय तक ठहरने और संस्था के संसाधनों के कथित इस्तेमाल से जुड़े सवालों पर एसजीपीसी को स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
जांच कमेटी पर भी सवाल
पन्नू ने एसजीपीसी की ओर से गठित चार सदस्यीय जांच कमेटी की क्षमता और स्वतंत्रता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की जांच किसी अनुभवी एवं स्वतंत्र व्यक्ति, जैसे सेवानिवृत्त सिख न्यायाधीश या वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से करवाई जा सकती थी। उन्होंने पूछा कि क्या मौजूदा कमेटी एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी और सुखबीर सिंह बादल से भी पूछताछ करेगी तथा यह पता लगाएगी कि संबंधित लोगों को मामले की जानकारी कब और किस माध्यम से मिली।
₹1 लाख ट्रांसफर का दावा
बलतेज पन्नू ने दावा किया कि 23 जुलाई 2026 को एसजीपीसी सचिव के नाम से संचालित पंजाब नेशनल बैंक के खाते से बहरीन की महिला के खाते में ₹1 लाख ट्रांसफर किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यह राशि किस उद्देश्य से दी गई, किसने इसकी मंजूरी दी और इसे किस मद में दर्ज किया गया।
उन्होंने एसजीपीसी से महिला के करीब आठ महीने के कथित प्रवास के दौरान हुए रहने, खाने, यात्रा, वाहन, ईंधन, ड्राइवर तथा अन्य सुविधाओं के पूरे खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
सुखबीर बादल, धामी और मजीठिया से जवाब की मांग
पन्नू ने कहा कि यदि महिला ने कथित तौर पर सुखबीर सिंह बादल और हरजिंदर सिंह धामी को मामले की जानकारी दी थी, तो दोनों को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया से भी मीडिया के सामने आकर सवालों के जवाब देने की मांग की।
हरसिमरत कौर बादल को लेकर पन्नू ने कहा कि वह महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रहती हैं, लेकिन इस मामले में उनकी ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
एसजीपीसी संसाधनों की जवाबदेही का मुद्दा उठाया
आप नेता ने कहा कि एसजीपीसी को संगत से मिलने वाले चंदे और अन्य संसाधनों के इस्तेमाल में पारदर्शिता रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि संस्था के वाहन, चालक, सेवादार या अन्य संसाधनों का इस मामले में इस्तेमाल हुआ है तो उसका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
पन्नू ने एसजीपीसी के कामकाज और खर्चों को लेकर पूर्व में उठे विभिन्न विवादों का भी उल्लेख किया और कहा कि केवल जांच कमेटी गठित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जांच के निष्कर्ष और खर्च से जुड़ी जानकारी भी संगत के सामने रखी जानी चाहिए।
एसजीपीसी चुनाव को लेकर भी सवाल
पन्नू ने एसजीपीसी के चुनावों में कथित देरी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सिख संगत को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी सिख संगत की संस्था है और इसके संसाधनों तथा निर्णय प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि महिला के पंजाब आने, यात्रा एवं ठहरने की व्यवस्था, एसजीपीसी संसाधनों के इस्तेमाल और कथित ₹1 लाख ट्रांसफर से जुड़े सभी सवालों का स्पष्ट जवाब जांच के माध्यम से सामने आना चाहिए।
नोट: ₹1 लाख ट्रांसफर, महिला के आठ महीने ठहरने और संबंधित नेताओं को जानकारी होने संबंधी बातें यहां बलतेज पन्नू के दावों/आरोपों के रूप में दी गई हैं; स्वतंत्र पुष्टि के बिना इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं लिखा गया है।
