मानहानि मामले में अदालत में पेश हुईं कंगना रनौत : गलतफहमी पर जताया खेद

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बठिंडा : अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत सोमवार को मानहानि के एक मामले में बठिंडा की एक अदालत में पेश हुईं और कहा कि उनके 2021 के ट्वीट को लेकर ”गलतफहमी” पैदा हुई है।

उन्होंने कहा कि उनके लिए हर ‘माता’ सम्माननीय है। अदालत ने पिछले साल सितंबर में हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लोकसभा सदस्य को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। साथ ही वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पेश होने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी। रनौत की पेशी से पहले बठिंडा अदालत परिसर और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

कौर अदालत में मौजूद नहीं थीं, लेकिन उनके पति उपस्थित थे

मानहानि का यह मामला अभिनेत्री द्वारा पंजाब के बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जन्दियन गांव की 73 वर्षीय शिकायतकर्ता महिंदर कौर के एक ट्वीट को अपनी टिप्पणी के साथ रीट्वीट करने पर आधारित है। उक्त टिप्पणी अब निरस्त किए जा चुके कृषि कानूनों के खिलाफ 2020-21 के किसान विरोध प्रदर्शन के दौरान की गई थी। साड़ी पहने और धूप का चश्मा लगाए रनौत अपराह्न करीब दो बजे अदालत परिसर पहुंचीं। अभिनेत्री ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। उन्होंने कहा, ‘महिंदर (कौर) जी के परिवार के साथ जो भी गलतफहमी हुई, मैंने ‘माता जी’ को उनके पति को संदेश दिया कि किस तरह वह गलतफहमी का शिकार हुई हैं।” महिंदर कौर अदालत में मौजूद नहीं थीं, लेकिन उनके पति उपस्थित थे। रनौत ने कहा, ”मैंने कभी सपने में भी इसकी कल्पना नहीं की थी… हर ‘माता’, चाहे वह पंजाब से हो या हिमाचल से, मेरे लिए सम्माननीय है।”

रनौत से जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या उन्होंने स्वीकार किया कि उनसे जानबूझकर या अनजाने में गलती हुई,तो इसके जवाब में सांसद ने कहा कि यदि मामले को ठीक से देखा जाए तो उनकी ओर से ऐसा कुछ नहीं है। रनौत ने कहा, ”एक रीट्वीट था जिसे मीम के रूप में इस्तेमाल किया गया। मैंने महिंदर जी के पति से भी इस बारे में चर्चा की है।” उन्होंने कहा कि उस मीम में कई महिलाएं थीं और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की गई थी। रनौत ने हालांकि कहा कि उन्हें इस पोस्ट से उत्पन्न गलतफहमी पर खेद है। जनवरी 2021 में बठिंडा में दायर एक शिकायत में, महिंदर कौर ने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद ने उन्हें गलत तरीके से बिलकिस बानो के रूप में पहचान कर बदनाम किया, जो एक कार्यकर्ता थीं और 2020 के शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन के दौरान सुर्खियों में आई थीं।

महिंदर कौर ने कहा कि अभिनेत्री ने रीट्वीट में उनकी तुलना शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन में शामिल रहीं ‘दादी’ से करके उनके खिलाफ ”गलत आरोप और टिप्पणी” की। महिंदर कौर ने कहा कि टाइम पत्रिका में छपी शाहीन बाग की महिला से उनका कोई संबंध नहीं है। रनौत ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया, जिसने उनके खिलाफ शिकायत को रद्द करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने 12 सितंबर को रनौत से कहा कि यह कोई साधारण रीट्वीट नहीं था और अभिनेत्री-नेता ने मौजूदा स्थिति में ”नमक मिर्च लगाया।” बाद में रनौत ने अपनी याचिका वापस ले ली।

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