मिड डे मील वर्करों का प्रदेशभर में हड़ताल का ऐलान : वेतन और सुविधाओं को लेकर चंबा में फूटा गुस्सा…22 जून को शिमला में सचिवालय घेराव की चेतावनी

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एएम नाथ। चंबा : मिड डे मील वर्कर यूनियन जिला कमेटी चंबा (सीटू से संबद्ध) की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को चंबा में आयोजित की गई, जिसमें वर्करों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के जिला अध्यक्ष विपिन ने की, जबकि सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र और महासचिव सुदेश ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे।

बैठक में नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए मिड डे मील योजना के निजीकरण और बजट में कटौती के आरोप लगाए। उनका कहना था कि देशभर में इस योजना को एनजीओ और केंद्रीय किचनों के माध्यम से चलाया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर काम कर रहे हजारों वर्करों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इसे वर्करों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया।
वर्करों ने अपनी आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि मात्र 5000 रुपये मासिक मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। लंबे समय से वेतन में कोई वृद्धि नहीं होने के कारण उनकी स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। उनका कहना था कि जो कर्मचारी बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए काम करते हैं, वही खुद आर्थिक तंगी और कुपोषण का सामना करने को मजबूर हैं।
महासचिव सुदेश ठाकुर ने बताया कि वर्करों को किसी भी प्रकार की छुट्टी की सुविधा नहीं मिल रही है और न ही हाई कोर्ट के 12 महीने वेतन देने के आदेश को लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि 25 बच्चों की अनिवार्यता और स्कूलों के बंद होने से कई वर्करों को अपनी नौकरी छोड़नी पड़ रही है। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन या किसी प्रकार की आर्थिक सहायता का भी प्रावधान नहीं है।
जिला अध्यक्ष विपिन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला 1000 रुपये का अतिरिक्त मानदेय भी समय पर जारी नहीं किया जाता। उन्होंने मांग की कि मिड डे मील वर्करों को आंगनबाड़ी कर्मचारियों के समान छुट्टियां, सुविधाएं और साल में दो वर्दी प्रदान की जाए।
बैठक में सरकार के प्रति गहरा रोष व्यक्त करते हुए यूनियन ने 22 जून को प्रदेशव्यापी हड़ताल करने का ऐलान किया। इस दौरान शिमला में सचिवालय का घेराव भी किया जाएगा। बैठक में बड़ी संख्या में महिला वर्करों सहित कई सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। बैठक में मीनू, सरोज, सविता, आशा, कविता, ऋतू, मोनी, कौशल्या, संदेश कुमारी, जगदीश और रूखी देवी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

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