‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दीपके हिरासत में…..दिल्ली पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक

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कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क जाने से रोकने पर बढ़ा विवाद, एक सप्ताह में दूसरी बार हिरासत में लिए गए दीपके

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें मार्च नहीं निकालने के संबंध में नोटिस भी दिया था। हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई के दौरान दीपके और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक हुई।

जानकारी के अनुसार, दीपके अपने घर से मार्च में शामिल होने के लिए निकले थे। इसी दौरान पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया। पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। काफी देर तक समझाने के बाद भी जब वह जाने की जिद पर अड़े रहे, तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें गाड़ी में बैठाया और हिरासत में ले लिया।

मार्च के आयोजन पर संशय

अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने के बाद ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी के अन्य सदस्य मार्च की अगुवाई करेंगे या कार्यक्रम को स्थगित किया जाएगा। अब सभी की नजर पार्टी के अगले कदम पर है।

एक सप्ताह में दूसरी बार हिरासत में लिए गए दीपके

इससे पहले भी अभिजीत दीपके को दिल्ली में हिरासत में लिया गया था। वह मुंबई से विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नामों में हेरफेर के आरोपों से संबंधित था। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।

CJP के दो सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा विवाद

‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को CJP के दो सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज लहराने के बाद गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया, जब जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन की अनुमति और वहां प्रदर्शन स्थल की स्थिति को लेकर विवाद चर्चा में था। दोनों सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पार्टी की ओर से विरोध तेज किए जाने की बात सामने आई।

मार्च से पहले पुलिस ने दिया था नोटिस

बताया जा रहा है कि शुक्रवार को दीपके को हिरासत में लेने से पहले दिल्ली पुलिस उनके घर पहुंची थी और मार्च नहीं निकालने के संबंध में नोटिस दिया था। इसके बाद जब वह कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क जाने के लिए निकले, तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

दीपके की हिरासत और CJP के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विरोध-प्रदर्शन के अधिकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, हिरासत के कानूनी आधार और प्रस्तावित मार्च को लेकर पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

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