नई दिल्ली। वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस ने बुधवार को अपना रुख स्पष्ट कर दिया। दिल्ली में हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की विस्तृत बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई। बैठक में CWC के सदस्यों, स्थायी एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों के साथ पार्टी के चार मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। बैठक में 88 से अधिक नेता मौजूद रहे।
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर पार्टी के रुख में कोई भ्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 1937 में महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल सहित उस समय के शीर्ष नेताओं द्वारा लिए गए फैसलों को ही मानेगी।
वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता भी पार्टी के इसी निर्णय का पालन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस का रुख पहले से तय है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
हल्द्वानी घटना को लेकर BJP पर हमला
CWC बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई घटना को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य और निंदनीय बताया।
वेणुगोपाल ने कहा कि देश के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस घटना के लिए माफी मांगने की मांग की। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह RSS की कथित ‘ऊंची जाति’ वाली सोच को दर्शाता है।
Gen Z और Gen Alpha के मुद्दों पर भी चर्चा
CWC की बैठक में युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि पार्टी केवल Gen Z ही नहीं, बल्कि Gen Alpha के भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंतित है।
उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होकर संघर्ष करेगी। रावत ने बताया कि CWC बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई और पार्टी कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से रखे गए मुद्दों का समर्थन करती है।
कांग्रेस ने बताया वंदे मातरम से ऐतिहासिक जुड़ाव
वंदे मातरम को लेकर हरीश रावत ने कहा कि यह भारत की आजादी की परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और कांग्रेस का भी इससे ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से वंदे मातरम गाती रही है और यह पार्टी की परंपराओं का हिस्सा रहा है।
