विजिलेंस और एसीबी को आरटीआई से बाहर करना कानून के दायरे में कैसे : जयराम ठाकुर

by

आरटीआई के दायरे से विजीलैंस तथा एंटी करप्शन ब्यूरो को बाहर करना और एंट्री टैक्स में बढ़ोतरी करना सुक्खू सरकार का जनविरोधी और तानाशाही भरा फैसला

हिमाचल के लोगों के प्रदेश में एंट्री टैक्स को हमारी सरकार ने किया था खत्म

एएम नाथ। शिमला :  मुख्यमंत्री द्वारा राज्य सतर्कता विभाग (विजीलैंस) को आरटीआई के कानूनी दायरे से बाहर करने के फैसले का विपक्ष ने कड़ा एतराज जताया है। विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री सुक्खू ग़लत तर्क दे रहे हैं कि विजीलैंस को आरटीआई से बाहर पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर किया गया एक प्रशासनिक निर्णय है। मुख्यमंत्री सुक्खू के इस तर्क को सिरे से खारिज करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो का गठन ही भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने और गलत कार्य करने वाले रसूखदार लोगों पर नकेल कसकर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे डालने के लिए किया गया था। लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे आरटीआई से बाहर कर विभाग की मूल आत्मा को ही गौण कर दिया है और मनमाने तरीके से आदेश जारी कर पारदर्शिता के उस स्तंभ को गिराने का प्रयास किया है जिसे भ्रष्टाचार रोकने के लिए सबसे प्रभावी हथियार माना जाता था। सबसे बड़ी बात यह कानून कांग्रेस की सरकार द्वारा ही लाया गया था। जिसे सुक्खू सरकार निष्प्रभावी बनाने में जुटी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरटीआई कानून 2005 की धारा 24 में साफ़ लिखा है कि सुरक्षा और ख़ुफ़िया एजेंसियों को भी भ्रष्टाचार और मानवाधिकार हनन के मामले में सूचना देनी ही होगी। इस अधिकार को संसद और राज्यों की विधान सभाएं भी देश वासियों से नहीं छीन सकती हैं। ऐसे में एक चिट्ठी निकालकर मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने वाली संस्था विजिलेंस और एसीबी को सूचना देने से कैसे रोक सकते हैं। गैरकानूनी तरीके से लाया गया उनका यह फैसला कानूनी तौर पर कैसे सही हो सकता है। इस फैसले के पीछे की मंशा को भी सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। सुक्खू सरकार का यह फैसला लोकतांत्रिक ढांचे के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रदेश में प्रवेश करने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स में की गई भारी बढ़ोतरी के फैसले पर भी नेता प्रतिपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे बिना सोचे-समझे लिया गया एक अदूरदर्शी निर्णय करार दिया है, जिसके जवाब में अब पड़ोसी राज्य पंजाब भी हिमाचल के वाहनों पर टैक्स थोपने की तैयारी कर रहा है, जिसका सीधा और प्रतिकूल असर हिमाचल के आम नागरिकों पर पड़ेगा जो दैनिक कार्यों, शिक्षा या स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पंजाब और दिल्ली की ओर रुख करते हैं।
जयराम ठाकुर ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने इस टैक्स को लागू करते समय राज्य के उन सीमावर्ती जिलों ऊना, कांगड़ा, चंबा, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर के लोगों की भावनाओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है जिनकी पंजाब और हरियाणा में आपस में रिश्तेदारियां हैं। हर दिन का आना जाना है। उन्हें बार-बार एंट्री टैक्स का आर्थिक बोझ सहना पड़ेगा। पूर्व में जब हमें प्रदेश की सेवा का मौका मिला था तो हमारी सरकार ने पहले ही फैसले में अपने ही प्रदेश में आने पर एंट्री फीस देने के कानून का खात्मा किया था। सुक्खू सरकार की संवेदनहीनता की वजह से आज हालात बदल गए हैं। सुक्खू सरकार करों के माध्यम से राजस्व जुटाने की कोशिश में प्रदेश वासियों के साथ अन्याय कर रही है। इसका हिमाचल के महत्वपूर्ण पर्यटन कारोबार पर भी अत्यंत विपरीत प्रभाव पड़ेगा क्योंकि पड़ोसी राज्यों से आने वाले पर्यटक भारी टैक्स के डर से अन्य राज्यों का रुख कर सकते हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिकी को लंबी अवधि में भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू को अपने इस जनविरोधी निर्णय पर पुनः विचार करना चाहिए।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

मिशन वात्सल्य के तहत अनुमोदन समिति की बैठक आयोजित : 10 पात्र बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत लाभान्वित करने की स्वीकृति प्रदान

उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की अध्यक्षता एएम नाथ। चंबा, 6 अगस्त : उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज मिशन वात्सल्य के तहत प्रायोजन और पालन-पोषण देखभाल अनुमोदन समिति की त्रैमासिक बैठक का आयोजन...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मंत्रिमंडल का गठन 17 दिसंबर तक होने की संभावना : उप मुख्यमंत्री को दिए गए विभागों से अहम विभाग दिऐ जा सकते अन्य मंत्रियों को

शिमला : मंत्रिमंडल के गठन मो लेकर कांग्रेस अभी तक उलझी हुई है । राज्य मंत्रिमंडल का गठन 17 दिसंबर तक होने की संभावना है। इसमें 10 मंत्री बनाए जाने हैं। मुख्य तौर पर...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्य संसदीय सचिव ने 14 लाख रुपए की लागत से निर्मित राजकीय माध्यमिक पाठशाला कडयाह के भवन का लोकार्पण किया

पाठशाला में एक अतिरिक्त कमरे के निर्माण को दो लाख रुपए तथा नावीं के काटल अनुसूचित जाति बस्ती सम्पर्क मार्ग को 50 हजार रुपए प्रदान करने की घोषणा अर्की :  मुख्य संसदीय सचिव (लोक...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

आखिर टारगेट किलिंग पर अंतरराष्ट्रीय कानून क्या है : ऐसी हत्याओं का दोष आमतौर पर सऊदी अरब या रूस जैसे देशों पर लगाया जाता, अमेरिका ने इराक़ में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को एक ड्रोन हमले में मार दिया था

चंडीगढ़ : कनाडा में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या ने भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में जो खटास पैदा कर दी है,फिलहाल उसका अंत नजर नहीं आ रहा। कनाडा बिना सबूतों...
Translate »
error: Content is protected !!