अमृतसर। विजिलेंस ब्यूरो ने कांग्रेस के सीनियर नेता व पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी को नोटिस निकालकर उनकी पूरी संपत्ति का ब्योरा मांगा है। सोनी की संपत्ति में वर्ष 2007 से लेकर 2022 के बीच अधिक वृद्धि होने के मामले में ब्यूरो ने सोनी को नोटिस जारी करते हुए जांच में शामिल होने को कहा है। ब्यूरो के एसएसपी वरिंदर सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत के बाद उन्हें नोटिस निकाला गया है। वहीं ओपी सोनी ने मीडिया में अभी तक कोई जानकारी नहीं होने की बात कही है। शुक्रवार सुबह यह जानकारी मिलने पर जहां मीडिया में यह बात चर्चा का विषय बन गई, वहीं दूसरी तरफ उद्योगिक और राजनीतिक घरानों में हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि कोविड काल में पूर्व उप मुख्यमंत्री सोनी का नाम सैनिटाइजर घोटाले में सामने आया था। तब मामले की जांच के लिए कमेटी भी गठित की गई थी। तब पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें मामले में क्लीन चिट दे दी थी। तब विपक्ष में बैठी आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को काफी उठाया था। वहीं सूत्रों के हवाले से यह भी संदेह जताया जा रहा है कि विगत में कांग्रेस सरकार के दौरान स्थानीय सर्किट हाउस को लीज पर दिए जाने में भी घोटाला होने की बात सामने आई थी। विजिलेंस ब्यूरो घोटालों को लेकर काफी सख्त है और मामले की जांच तकरीबन मुकम्मल हो चुकी है। ये भी बताया जा रहा है कि पूर्व उप मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।
विजिलेंस ब्यूरो के एसएसपी वरिंदर सिंह ने बताया कि पूर्व डिप्टी सीएम सोनी को आय से अधिक संपत्ति को लेकर की गई एक शिकायत के बाद शनिवार को मामले की जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। वहीं दूसरी तरफ सोनी ने मीडिया में दावा किया कि उन्होंने हमेशा अपना काम ईमानदारी से किया है और कानून पर हमेशा विश्वास किया है।
