एसडीएम कार्यालय की घोषणा, बंद संस्थानों, 1500 रुपये, एक लाख नौकरियों से लेकर खनन हादसे और औद्योगिक परियोजनाओं तक सरकार को घेरा
एएम नाथ। शिमला। पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े गंभीर सवालों का सीधा और तथ्यात्मक जवाब देने के बजाय सरकार गोलमोल जवाब देकर वास्तविक स्थिति से बचने का प्रयास कर रही है।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा में पूछे जाने वाले सवाल किसी विधायक के निजी विषय नहीं होते, बल्कि वे जनता की समस्याओं, अधिकारों और सरकार की जवाबदेही से जुड़े होते हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक सवाल का स्पष्ट, तथ्यात्मक और जवाबदेह उत्तर दिया जाए।
घोषणाएं कागजों तक सीमित, एसडीएम कार्यालय पर उठाए सवाल
बिक्रम ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र जसवां-प्रागपुर में 15 अप्रैल 2025 को परागपुर में एसडीएम कार्यालय खोलने की घोषणा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि घोषणा के बावजूद आज तक कार्यालय धरातल पर शुरू नहीं हुआ है।
उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ सरकार नए प्रशासनिक कार्यालय खोलने के लिए जनगणना का हवाला देती है, जबकि दूसरी तरफ कुछ ही दिनों में कार्यालय खोलने की घोषणा कर दी जाती है। उन्होंने इसे सरकार के दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि यदि प्रशासनिक इकाइयां खोलने पर रोक है तो सरकार को ऐसी घोषणाएं कर जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए।
‘बंद किए संस्थान फिर क्यों खोल रही सरकार?’
भाजपा विधायक ने प्रदेश में शिक्षण संस्थानों को बंद करने के फैसले पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय खोले गए कई शिक्षण संस्थानों को कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद बंद कर दिया था।
उस समय सरकार की ओर से गुणवत्ता और आवश्यकता का तर्क दिया गया था, लेकिन अब उन्हीं में से कई संस्थानों को दोबारा खोलने की प्रक्रिया चल रही है।
बिक्रम ठाकुर ने सवाल किया कि यदि आज ये संस्थान जनता की जरूरत हैं तो इन्हें बंद करने का फैसला किस आधार पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कारणों से बंद किए गए संस्थानों की समीक्षा होनी चाहिए और जनहित में जरूरी संस्थानों को दोबारा संचालित किया जाना चाहिए।
‘1500 रुपये और एक लाख नौकरियों के वादे का क्या हुआ?’
बिक्रम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार के चुनावी वादों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने और युवाओं को हर वर्ष एक लाख नौकरियां देने का वादा किया गया था।
उन्होंने सरकार से पूछा कि इन दोनों वादों की वर्तमान स्थिति क्या है और जनता को इसका पूरा हिसाब क्यों नहीं दिया जा रहा।
भाजपा विधायक ने कहा कि सरकार के दावों और धरातल की वास्तविकता में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। प्रदेश का युवा रोजगार के अवसरों की तलाश में है, जबकि सरकार अपने चुनावी वादों का हिसाब देने से बच रही है।
‘2027 में जनता तय करेगी किसकी सरकार बनेगी’
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को लेकर दिए बयान पर पलटवार करते हुए बिक्रम ठाकुर ने कहा कि 2027 में प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी, इसका फैसला हिमाचल की जनता करेगी।
उन्होंने दावा किया कि पंचायतों, जिला परिषदों और नगर निकायों में भाजपा का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सत्ता में आने के बाद फैसलों को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखेगी। प्रत्येक निर्णय की समीक्षा की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वह प्रदेश और जनता के हित में है या नहीं।
सिरमौर खनन हादसे पर सरकार से मांगा जवाब
बिक्रम ठाकुर ने सिरमौर में खनन क्षेत्र में हुए हादसे में तीन लोगों की मौत का मामला भी विधानसभा में उठाया। उन्होंने सवाल किया कि बरसात के दौरान जब नियमों के तहत खनन पर रोक रहती है, तो संबंधित स्थान पर खनन कार्य कैसे चल रहा था।
उन्होंने खदान में सुरक्षा नियमों के पालन, निरीक्षण और संबंधित अधिकारियों की ओर से दिए गए निर्देशों को लेकर सरकार से स्पष्ट जानकारी मांगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में सीधा जवाब देने के बजाय अधिकारियों की रिपोर्ट आने का इंतजार करने की बात कही जा रही है। उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क पर भी निशाना
पूर्व उद्योग मंत्री ने मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क के क्रियान्वयन को लेकर भी सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाएं मिली हैं, लेकिन प्रदेश सरकार इनके क्रियान्वयन को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के लिए केंद्र की ओर से उपलब्ध कराई गई राशि में से अभी बड़ी राशि खर्च होना बाकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिलने के बावजूद निर्धारित धनराशि का समय पर उपयोग क्यों नहीं हो पा रहा और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
‘हर व्यक्ति को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं’
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के हर व्यक्ति को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है। युवाओं के लिए रोजगार के स्थायी अवसर पैदा करने के लिए उद्योग, पर्यटन और स्वरोजगार को मजबूत करना होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में उद्योग प्रदेश से बाहर गए हैं और बद्दी, बरोटीवाला तथा नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना शुरू की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे बंद कर दिया।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा के पास युवाओं के रोजगार को लेकर स्पष्ट रोडमैप है, जिसमें सरकारी नौकरियों के साथ उद्योग, पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देना प्राथमिकता होगी।
आपदा राहत पर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग
भाजपा विधायक ने आपदा राहत को लेकर भी प्रदेश सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद केंद्र सरकार ने विभिन्न मदों और योजनाओं के माध्यम से हिमाचल को लगातार सहायता उपलब्ध करवाई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाली सहायता को मुख्यमंत्री को सीधे दी गई राशि के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा जल्द ही केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को विभिन्न मदों में उपलब्ध कराई गई सहायता का विस्तृत विवरण जनता के सामने रखेगी।
‘कथनी और करनी में बड़ा अंतर’
बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि सरकार के दावों और धरातल की वास्तविकता को प्रदेश की जनता देख रही है।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता सरकार के कामकाज और चुनावी वादों का जवाब अपने तरीके से देगी।
