वेतन कटौती प्रस्ताव पर बवाल, डॉ. पुंडीर ने सरकार को घेरा

by

“कर्मचारी विरोधी फैसला वापस लें”, महासंघ की चेतावनी

3% कटौती पर आक्रोश, आंदोलन की दी चेतावनी

एएम नाथ। शिमला : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने प्रदेश सरकार द्वारा ए और बी श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में प्रतिमाह 3 प्रतिशत कटौती के प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण, अव्यावहारिक और कर्मचारी विरोधी बताते हुए कहा कि यह सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
डॉ. पुंडीर ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी पहले ही 13 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) से वंचित हैं और वर्ष 2016 के वेतन आयोग के एरियर का भुगतान भी लंबे समय से लंबित है। ऐसे में वेतन कटौती का प्रस्ताव कर्मचारियों पर दोहरी मार साबित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह निर्णय कर्मचारियों के जीवन स्तर को बुरी तरह प्रभावित करेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पिछले चार बजटों से कर्मचारियों को केवल आश्वासन दे रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई राहत नहीं दी गई। लगभग दो लाख कर्मचारियों को हर महीने 10 हजार रुपये से अधिक का नुकसान झेलना पड़ रहा है, जबकि लाखों रुपये का एरियर अब तक जारी नहीं हुआ है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
डॉ. पुंडीर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है, जब सरकार अपने संचालन के लिए कर्मचारियों के वेतन पर निर्भर नजर आ रही है। यह प्रशासनिक कमजोरी और वित्तीय कुप्रबंधन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि एक कर्मचारी के वेतन पर औसतन 10 से अधिक लोगों का भरण-पोषण निर्भर करता है, ऐसे में यह निर्णय 70 हजार से अधिक परिवारों को सीधे प्रभावित करेगा।
उन्होंने शिक्षकों और कर्मचारियों को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि यह वर्ग न केवल शिक्षा देता है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता का निर्माण करता है। ऐसे वर्ग के साथ आर्थिक अन्याय प्रदेश के भविष्य को कमजोर करेगा।
सरकार के खर्चों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सचिवालय और निदेशालय स्तर पर संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। कई अधिकारियों के पास एक से अधिक सरकारी वाहन हैं, जिनका उपयोग उनके परिजन भी कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाए, न कि कर्मचारियों के वेतन में कटौती करे।
महासंघ ने स्पष्ट किया कि वेतन कटौती किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही 3 प्रतिशत कटौती वापस लेने, 13 प्रतिशत डीए जारी करने, 2016 के एरियर का भुगतान करने और सरकारी फंड के दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की गई है।
डॉ. पुंडीर ने चेतावनी दी कि यदि मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो कर्मचारी वर्ग लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , समाचार , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

नीतीश सरकार में होंगे 3 उप मुख्यमंत्री ! ये बनेंगे विधानसभा स्पीकर, मंत्रिमंडल का फार्मूला तय, चिराग का बढ़ेगा कद

पटना  : बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद एनडीए ने राज्‍य में सरकार गठन पर ध्‍यान केन्द्रित कर दिया है। जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्‍यक्ष संजय झा और केन्‍द्रीय...
article-image
हिमाचल प्रदेश

चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट ने आयोजित करवाया रक्तदान शिविर

ऊना : माईदास भवन चिंतपूर्णी में आज चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह जानकारी देते हुए मंदिर अधिकारी बलवंत पटियाल ने बताया कि शिविर नायब तहसीलदार रोहित...
article-image
हिमाचल प्रदेश

VIP नंबर HP 99-9999 की नीलामी का मामला : 1से अधिक की बोली लगाने वाला निकला सचिवालय कर्मी , कसेगा शिंकजा

शिमला : एक करोड़ से अधिक की बोली लगाने वाले शिमला के आरोपी की पहचान सचिवालय के कर्मचारी के रूप में हुई है। इस कर्मचारी के खिलाफ परिवहन विभाग अब एफआईआर दर्ज करवाएगा। यह...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

दिल्ली हाई कोर्ट जज के घर नोटों का ढेर मिलने पर राज्यसभा में बवाल : 55 सांसदों ने पत्र लिखकर कर दी यह डिमांड

दिल्ली :  राज्यसभा में आज की कार्यवाही शुरू होते ही दिल्ली हाई कोर्ट जज के घर मिले नोटों के ढेर का मुद्दा उठा. कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इस मामले को उठाते हुए सभापति...
Translate »
error: Content is protected !!