श्री आनंदपुर साहिब : नगर कीर्तन श्रीनगर, गुरदासपुर, फरीदकोट और तलवंडी साबो से शुरू होकर लगभग 1563 किलोमीटर की यात्रा करेंगे। जब ये जत्थे पवित्र नगरी में प्रवेश करेंगे, तो संगत द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिकता से भर जाएगा।
संगत की सुरक्षा और सुविधा के लिए सरकार की तैयारियां : पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत के अवसर पर 23 से 25 नवंबर तक राज्यस्तरीय समागमों के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। संगत की सुविधा, सुरक्षा और आवागमन को सुचारू बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। पूरे राज्य में शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि बाबा बकाला, अमृतसर और पटियाला जैसे स्थानों पर कीर्तन दरबारों का आयोजन किया गया है।
समागम की प्रारंभिक रस्में : समागमों के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बैंस ने बताया कि 23 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में बाबा बुड्ढा दल छावनी के पास गुरुद्वारा साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ होगा, जिसमें मुख्यमंत्री और अन्य विशिष्ट व्यक्ति शामिल होंगे। इसी दिन विरासत-ए-खालसा में गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और विचारों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्य पंडाल में सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न धर्मों के नेता गुरु साहिब की शिक्षाओं पर चर्चा करेंगे।
नगर कीर्तन, हेरिटेज वॉक और विधासन सभा का विशेष सत्र
24 नवंबर को कीरतपुर साहिब से भाई जैता जी की यादगार तक ‘सीस भेंट नगर कीर्तन’ सजाया जाएगा। इसके साथ ही श्री आनंदपुर साहिब में हेरिटेज वॉक का आयोजन होगा, जिसमें कई ऐतिहासिक धरोहरें शामिल होंगी। भाई जैता जी की यादगार पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा। उसी दिन चरण गंगा स्टेडियम में विभिन्न सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रम भी होंगे। इसके अतिरिक्त 23 से 29 नवंबर तक विरासत-ए-खालसा में ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा।
समागम की समाप्ति और सुरक्षा व्यवस्था25 नवंबर को अखंड पाठ साहिब का भोग कर समागम समाप्त होगा। इसके बाद बाबा बुड्ढा दल छावनी में ‘सरबत दा भला’ एकत्रता समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों संगत शामिल होंगी। पंजाब सरकार ने लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए हैं।
परिवहन, आवास और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तृत प्रबंधन : संगतों की सुविधा के लिए सरकार ने परिवहन साधनों की व्यवस्था की है, जिसमें ई-रिक्शा, मिनी बसें और अन्य वाहन शामिल हैं। इसके अलावा, चिकित्सा आपातकाल के लिए 24 घंटे एम्बुलेंस और मेडिकल टीम उपलब्ध रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस की बड़ी तैनाती : समागमों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंजाब पुलिस ने 8,000 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पूरे क्षेत्र को सुरक्षित जोन में तब्दील किया गया है।
