हिमालयन क्षेत्र की जनजातियों के इतिहास और समस्याओं पर की चर्चा

by

धर्मशाला, 27 अक्तूबर। हिमााचल प्रदेश विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र मोहली खनियारा में इतिहास विभाग एवं ग्लोबल सेंटर फाॅर इंडिजियस पीपल के से सौजन्य से हिमालयन जनजातियों का इतिहास एवं संस्कृति सामाजिक स्थिति तथा निरंतरता विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ केंद्र के निदेशक प्रो धर्म प्रकाश वर्मा एवं मुख्यातिथि केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो सत प्रकाश बंसल ने किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता प्रो धीरेंद्र दत डंगवाल ने प्रतिभागियों तथा शोधार्थियों को संबोधित करते हुए हिमालय तथा अन्य क्षेत्रों की जनजातियों के इतिहास तथा समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने भारतीय औपनिवेश काल तथा अंग्रेजों के शासन काल में विभिन्न जनजातियों के मानवीय अधिकारों तथा अजीविका के साधनों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। सम्मेलन के पहले दिन प्रो कुलवंत राणा, अंकुश भारद्वाज, डा मोहिन्दर, डा चेत राम, डा सकन्द मिश्रा, डा बलराज बरार, संयोजक डा राजकुमार, आयोजन सचिव राजेंद्र कुमार सहित संस्थान के 148 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

बिजेश्वर देव (बागुडी) मेले का समापन पर समारोह : मेलों के माध्यम से आर्थिक सृदृढ़ीकरण – डॉ. शांडिल

सोलन : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न स्थान पर आयोजित किए जाने वाले मेलों और उत्सवों...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री ने पांगी क्षेत्र के लिए करोड़ो रुपये की 14 विकासात्मक परियोजनाएं की समर्पित की

एएम नाथ। चम्बा : मुख्यमंत्री  सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला चम्बा के पांगी प्रवास के दौरान क्षेत्रवासियों के लिए करोड़ो रुपये लागत की 14 विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री किलाड़...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

जालंधर में द ग्रेट खली और ग्लोबल रेसलिंग लीग का बड़ा ऐलान

जालंधर/ दलजीत अजनोहा : भारत के मशहूर पहलवान और विश्वभर में अपनी पहचान बना चुके दिल्लीप सिंह राणा, जिन्हें द ग्रेट खली के नाम से जाना जाता है, ने जालंधर में ग्लोबल लीग रेसलिंग...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

तपोवन में विधानसभा का शीत सत्र : प्रश्नकाल और शून्यकाल पहले दिन नहीं हो पाया

विधानसभा सत्र के पहले दिन नहीं हुआ प्रश्नकाल और शून्यकाल विधानसभा सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सका। नियम 67 के तहत लाए गए काम रोको प्रस्ताव के चलते सारा काम...
Translate »
error: Content is protected !!