श्री मदभागवत कथा के श्रवण से मौत के भय से मिलती है मुक्ति : सोने का मुकुट पहनने के बाद राजा परीक्षित ने तपस्या कर रहे ऋषि के गले में डाला सांप

by

ऋषि के बेटे ने जब अपने पिता का निरादर देखा तो उन्हें राजा को दिया था शाप

बीबीएन, 01 अप्रैल (तारा) : बद्दी उपमंडल के मजरू में प्रीतम पाल ठाकुर द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत पुराण कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा में व्यास पंडित प्रकाश चंद गर्गाचार्य ने राजा परीक्षित के राज्याभिषेक की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि पांडव जब अपना राज-पाट छोड़कर स्वर्ग की यात्रा पर जा रहे थे, तब उन्होंने हस्तिनापुर के सिंहासन के लिए अर्जुन के पोते परीक्षित को चुना।
उन्होंने बताया कि कलयुग में धर्म के चार स्तंभों (तप, शौच, दया, सत्य) में से तीन का नाश हो चुका है और धर्म केवल एक पांव—दान और पुण्य पर टिका है। इस युग में दान और नेक कर्म ही धर्म का सबसे सरल मार्ग है।
जब राजा परीक्षित ने कलयुग को धरती पर चारों ओर हाहाकार मचाते देखा, तो उन्होंने उसे मारने के लिए तलवार उठा ली। कलयुग ने राजा के चरणों में गिरकर शरण मांगी। तब राजा परीक्षित ने उसे धर्म के विरुद्ध काम करने वाले स्थानों पर रहने की आज्ञा दी। कलयुग इन स्थानों पर रहकर लोगों के मन में पाप और वासना भरता है।
द्यूत (जुआ), मद्यपान (शराब), स्त्री वेश्यावृत्ति व्यभिचार, और हिंसा पशु वध इसके बाद कलयुग के मांगने पर सोना को पाँचवाँ स्थान दिया गया। राजा परीक्षित के शासनकाल में कलयुग का प्रभाव बढ़ा, जिसके चलते अनजाने में उन्होंने शामिक ऋषि के गले में मृत सांप डाल दिया। ऋषि के बेटे ऋृंगी ने उन्हें सात दिन के भीतर मौत के अभिशाप दिया। जब उन्होंने अपने सोने के मुकुट हटाया तो कलुयग का प्रयोग हटा तभी उन्हें अपने किये का पछतावा हुआ। उसके बाद वे शुकदेव मुनि की शरण में जाकर श्रीमदभागवत कथा का श्रवण किया। ठीक सात दिन के बाद तक्षक नाग उन्हें आकर डसा जिससे उनके प्राण निकले। श्रीमदभागवत कथा के श्रवण से उन्हें जीवित तो नहीं रह पाए लेकिन उन्हें मौत के भय से मुक्ति मिल गई थी।
फोटोकेप्शन
माजरू गांव में श्रीमदभागवत कथा का श्ववण करते हुए महिलाएं

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

56 साल तक बर्फ में दबे रहे हरियाणा के फौजी मुंशीराम : जानें बर्फ में कितने सालों तक सुरक्षित रह सकता है इंसान का शरीर?

रोहित भदसाली।  लाहौल स्पीति :  हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति की चंद्रभागा रैंज में 56 साल पहले हुए विमान हादसे में अब चार फौजी जवानों के शव बरामद किए गए हैं. भारतीय सेना की...
article-image
हिमाचल प्रदेश

उपमुख्यमंत्री ने की हिमाचल में जल शक्ति गौरव पुरस्कार आरंभ करने की घोषणा, उत्कृष्ट सेवाओं का होगा सम्मान*

रोहित जसवाल । ऊना, 11 जनवरी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की उत्कृष्ट सेवाओं को सम्मान देने के लिए जल शक्ति गौरव पुरस्कार शुरू करने की...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सड़कों व ग्रामीण सम्पर्क मार्गों की बहाली पर विशेष ध्यान केंद्रित करें- जगत सिंह नेगी…कहा, प्रत्येक प्रभावित तक राहत पहुंचाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

राजस्व मंत्री ने थुनाग में की आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जारी राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा एएम नाथ।  मंडी, 25 जुलाई।  राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी...
article-image
हिमाचल प्रदेश

ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने अधिकारियों के साथ थानाकलां में विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की

वीरेंद्र कंवर ने कोहडरा-तूतड़ू पेयजल योजना का कार्य मई तक पूरा करने के दिए निर्देश ऊना – ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य तथा पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने थानाकलां में उपमंडल के...
Translate »
error: Content is protected !!