परिवार से मिली सरपंच यूनियन, केंद्र सरकार से कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग; विदेश मंत्रालय को भेजा जाएगा मांग पत्र
सुजानपुर/पठानकोट। सऊदी अरब में मौत की सजा सुनाए जाने के मामले में सुर्खियों में आए सुजानपुर देहाती गांव के ट्रक चालक बलजिंदर सिंह के परिवार के समर्थन में अब स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि भी आगे आए हैं। परिवार के अनुसार, बलजिंदर पिछले करीब दस वर्षों से दुबई में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे थे और दुबई से सऊदी अरब के बीच सामान लेकर आते-जाते थे।
सरपंच यूनियन ने परिवार को दिया भरोसा
हलका सुजानपुर की सरपंच यूनियन ने प्रधान अक्षय कुमार के नेतृत्व में बलजिंदर सिंह के परिवार से मुलाकात की। यूनियन ने परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
अक्षय कुमार के अनुसार, परिवार ने बताया कि एक परिचित ने बलजिंदर को अपने बीमार पिता के लिए दवाइयों का पैकेट सऊदी अरब ले जाने के लिए दिया था। बलजिंदर ने मदद के इरादे से पैकेट अपने साथ ले लिया, लेकिन सऊदी अरब की सीमा पर जांच के दौरान उसमें कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
दिलजीत दोसांझ और द ग्रेट खली के समर्थन का दावा
परिवार के अनुसार, पंजाबी गायक एवं अभिनेता दिलजीत दोसांझ, पहलवान दलीप सिंह राणा ‘द ग्रेट खली’ सहित कई नेता और सामाजिक संगठन बलजिंदर के समर्थन में सामने आए हैं। परिवार को उम्मीद है कि विभिन्न स्तरों से मिल रहे समर्थन के चलते मामले में राहत का रास्ता निकल सकता है।
सरपंच यूनियन ने कहा कि यह परिवार के लिए बेहद गंभीर और संवेदनशील स्थिति है। पंचायत प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि बलजिंदर के परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।
सभी पंचायतों की संयुक्त बैठक बुलाने की तैयारी
प्रधान अक्षय कुमार ने बताया कि जल्द ही सुजानपुर क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में बलजिंदर सिंह के मामले को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
इसके बाद पंचायतों की ओर से एक संयुक्त मांग पत्र तैयार कर पठानकोट के डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय को भेजने की तैयारी है। इसमें भारत सरकार से सऊदी अरब सरकार के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत कर बलजिंदर सिंह को कानूनी एवं मानवीय आधार पर राहत दिलाने तथा मौत की सजा से बचाने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप करने की मांग की जाएगी।
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि मामले में भारत सरकार के स्तर पर उपलब्ध कूटनीतिक और कानूनी माध्यमों का इस्तेमाल कर परिवार को राहत दिलाने के प्रयास किए जाने चाहिए।
