सरकार हर मोर्चे पर विफल, अंतर्विरोधों में उलझी कांग्रेस”: जयराम ठाकुर

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हरिपुरधार और अर्की हादसे ने खोली व्यवस्था और सरकार की संवेदनहीनता की पोल

एएम नाथ। शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार करते हुए इसे हर मोर्चे पर विफल और दिशाहीन करार दिया है। उन्होंने मंत्रियों के बीच आपसी समन्वय के अभाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार में पूरी तरह से अंतर्विरोध की स्थिति बनी हुई है, जहां एक मंत्री आईएएस अधिकारियों को नसीहत देता है तो दूसरा उसे ‘स्वीपिंग स्टेटमेंट’ बताकर सार्वजनिक रूप से काट देता है, जो स्पष्ट करता है कि कांग्रेस में नेता एक-दूसरे को ही नीचा दिखाने और निपटाने की राजनीति में व्यस्त हैं। अपने आवास पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जो सवाल पूर्व में उप मुख्यमंत्री और आज मंत्री उठा रहे हैं वह तो हम बहुत पहले से उठा रहे हैं। डाउटफुल इंटीग्रिटी वाले अधिकारियों के जिम में मुख्यमंत्री ने पूरी सरकार सौंप दी है। जिन अधिकारियों की निष्ठा पर मुख्यमंत्री ने स्वयं विपक्ष में रहते हुए सवाल उठाए थे वही लोग आज उनके सबसे खास लोगों में शुमार हैं। तब सरकार में किसी ने उनके खिलाफ न कोई आवाज उठाई ना मोर्चा खोला। चाहे नेता हो चाहे अधिकारी हो सरकार से लेकर सिस्टम का एक-एक पूजा सिर्फ और सिर्फ हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए समर्पित होना चाहिए इसके अलावा कोई भी गतिविधि हमें स्वीकार नहीं है।
जयराम ठाकुर ने कटाक्ष किया कि जनता विकास की राह देख रही है और सरकार के नुमाइंदे एक-दूसरे के खिलाफ भड़ास निकालने में समय व्यर्थ कर रहे हैं, जो प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में कांग्रेस ने हिमाचल को बर्बादी की कगार पर खड़ा कर दिया है। एक तरफ लगातार कर्ज का बोझ बढ़ाया जा रहा है और दूसरी तरफ उस पैसे के खर्च का कोई हिसाब नहीं है, क्योंकि धरातल पर विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। इसके अतिरिक्त, नेता प्रतिपक्ष ने हरिपुरधार बस हादसे और अर्की सिलेंडर ब्लास्ट जैसी हालिया त्रासदियों पर गहरा दुख जताते हुए इन्हें सरकारी और प्रशासनिक लापरवाही का जीवंत प्रमाण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि हरिपुरधार हादसा बसों में ओवरलोडिंग और जर्जर सड़क की शिकायतों को प्रशासन ने नजरअंदाज किया, जिसका खामियाजा निर्दोष जनता को भुगतना पड़ा, ठीक उसी तरह जैसे बिलासपुर की घटनाओं में विभागीय अनदेखी के कारण लोगों ने जान गंवाई थी। अर्की अग्निकांड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तैयारियों की कमी और आपदा प्रबंधन की विफलता के कारण स्थिति भयावह हुई, जिसे स्वयं स्थानीय कांग्रेस नेता भी स्वीकार कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के रवैये को अत्यंत निराशाजनक और संवेदनहीन बताते हुए कहा कि सरकार केवल औपचारिक बयानबाजी तक सीमित रह गई है और जन सुरक्षा एवं जवाबदेही के प्रति उसकी उदासीनता यह सिद्ध करती है कि वर्तमान सत्ता अपनी नैतिकता खो चुकी है और राज्य में व्यवस्था नाम की कोई चीज शेष नहीं बची है।

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