चंबा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए बनेगी अलग नीति: सुक्खू
एएम नाथ। शिमला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव करने जा रही है। चंबा जैसे दूरदराज क्षेत्र में स्थित मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार अलग नीति बनाने पर विचार कर रही है।
विधानसभा में विधायक नीरज नैय्यर के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्मित 200 बिस्तरीय अस्पताल सरोल के उद्घाटन के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, चंबा के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 311 पद भरने का मामला सरकार के विचाराधीन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चंबा मेडिकल कॉलेज को बेहतर और सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए गंभीरता से विचार कर रही है।
5 लाख तक वेतन देने को तैयार सरकार
सुक्खू ने कहा कि सरकार चिकित्सकों को पांच लाख रुपये तक का वेतन देने को तैयार है, लेकिन इसके बावजूद कई डॉक्टर दूरदराज क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए तैयार नहीं होते।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक विदेशों में, यहां तक कि दुबई जाने के लिए तैयार हो जाते हैं, लेकिन चंबा जैसे दुर्गम क्षेत्र में स्थित मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने से परहेज करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका प्रमुख कारण क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां और दूरदराज स्थिति है।
जल्द निकाला जाएगा स्थायी समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए हाल ही में एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की कमी सहित अन्य समस्याओं का स्थायी समाधान जल्द निकाला जाएगा। सरकार चंबा के अलावा प्रदेश के अन्य दूरदराज क्षेत्रों में स्थित मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर काम कर रही है।
