चंडीगढ़ : पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने सोमवार को तरनतारन के वल्टोहा गांव के सरपंच जरमल सिंह हत्याकांड में कई अहम खुलासे किए। उन्होंने कहा कि मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
हत्या मामले की जानकारी साझा करते हुए डीजीपी ने बताया कि दो शूटरों को छत्तीसगढ़ के रायपुर से स्थानीय पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया, जबकि पांच अन्य आरोपियों को पंजाब के मोहाली और तरनतारन से पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि इस पूरे ऑपरेशन में केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय किया गया।
शादी समारोह में मारी गई थी गोली
आम आदमी पार्टी से जुड़े सरपंच जरमल सिंह की 4 जनवरी को अमृतसर के मैरी गोल्ड रिज़ॉर्ट में एक शादी समारोह के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सीसीटीवी फुटेज में दो हमलावर शांतिपूर्वक जरमल सिंह के पास आते, छिपे हुए पिस्तौल निकालते और पीछे से सिर में गोली मारकर फरार होते दिखाई दिए। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।
विदेश से रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्या की साजिश विदेश में बैठे अपराधियों ने रची थी। फंडिंग, हथियार और लॉजिस्टिक सपोर्ट भारत से बाहर से मुहैया कराया गया था। विदेशी गैंगस्टरों, जिनमें प्रभ दासूवाल भी शामिल है, ने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि जरमल सिंह पर इससे पहले तीन बार जानलेवा हमले हो चुके थे।
मुख्य साजिशकर्ता एनकाउंटर में ढेर
इस हत्याकांड के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल हरनूर सिंह उर्फ नूर को वारदात के कुछ ही समय बाद तरनतारन में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था।
संगठित अपराध के खिलाफ सख्त अभियान
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क, पैसे के लेनदेन (मनी ट्रेल) और हथियार सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके। उन्होंने दोहराया कि पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है और किसी भी अपराधी को, चाहे वह कहीं भी छिपा हो, बख्शा नहीं जाएगा।
