चंडीगढ़ : पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की याचिका पर समय पर जवाब दाखिल न करने को लेकर पंजाब सरकार पर सख्त नाराजगी जताई है।
अदालत ने सरकार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और यह राशि पीजीआई चंडीगढ़ में जमा कराने का आदेश दिया है। अमृतपाल सिंह ने संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए अस्थायी रिहाई अथवा पैरोल देने से इनकार किए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब सरकार की ओर से समय पर जवाब दायर नहीं किया गया था। इससे एक दिन पहले ही ऐसा राजस्व विभाग की ओर से एक साल तक एक केस में जवाब फाइल नहीं किया जिसको लेकर हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को निजी तौर पर पेश होकर जवाब देने को कहा।
मुख्य सचिव इस बात से लेकर इतने नाराज थे कि उन्होंने शाम को सात बजे सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागीय ओएसडी लिटिगेशन को बुधवार को तलब कर लिया। उन्होंने सभी प्रशासनिक सचिवों से उनके विभागों के कुल केसों की जहां गिनती मांगी वहीं यह भी बताने को कहा कि कितने केसों में अदालती अवमानना के नोटिस हो रखे हैं कितने केसों में जवाब फाइल करने को कहा गया है।
विभागीय अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि बहुत से ऐसे मामले हैं जो नीतिगत हैं और इनको लागू करने में काफी दिक्कतें हैं। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने अधिकारियों से कहा कि वे अलग अलग कालम में केसों, उनको लागू करने में आने वाले वित्तीय बोझ और बैक लाॅग के बारे में जानकारी देने को कहा है। पता चला है कि सभी विभागीय सचिवों ने सोमवार से अपने अपने विभागों की बैठकें बुला ली हैं जिसमें सारे केसों का विवरण देने को कहा है।
