सुख आश्रय योजना के तहत कांगड़ा में 878 लाभार्थियों को 2.24 करोड़ विवाह अनुदान वितरित: ADC विनय कुमार

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जिला स्तरीय समिति की बैठक में 45 नए मामलों को मंजूरी, 34 मामलों को कार्योत्तर स्वीकृति
एएम नाथ।  धर्मशाला, 16 मार्च: मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना एवं मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक आज उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा विनय कुमार ने की।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना हिमाचल प्रदेश सरकार की एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के अनाथ एवं निराश्रित बच्चों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें शिक्षा, आत्मनिर्भरता तथा सम्मानजनक जीवन के लिए सहयोग देना है। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को 27 वर्ष की आयु तक विभिन्न प्रकार की वित्तीय एवं सामाजिक सहायता प्रदान की जाती है।
योजना के तहत ऐसे बच्चे पात्र हैं जिनके दोनों माता-पिता का निधन हो चुका है, इसके अतिरिक्त जिनके माता पिता 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र हैं। लाभार्थियों की पारिवारिक वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए तथा वे अविवाहित और बेरोजगार हों। योजना के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को बाल देखभाल संस्थानों के माध्यम से तथा 18 से 27 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को संस्थानों के बाहर भी विभिन्न लाभ प्रदान किए जाते हैं।
योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण ट्यूशन फीस, छात्रावास एवं मेस शुल्क उपलब्ध करवाया जाता है, जबकि पीजी विद्यार्थियों को 3 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता दी जाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को एक लाख रुपये तक की कोचिंग सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा भूमिहीन लाभार्थियों को भूमि भी आवंटित की जाती है जबकि बेघर लाभार्थियों को 3 लाख रुपये तक की गृह निर्माण सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा विवाह के लिए 2 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है जबकि सामाजिक सुरक्षा के तहत 4 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में अब तक 878 लाभार्थियों की पहचान की गई है, जिन्हें योजना के विभिन्न घटकों के माध्यम से सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के आरंभ से अब तक 127 लाभार्थी 27 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं।
विनय कुमार ने कहा कि विभिन्न विकास खंडों में योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा, व्यावसायिक एवं कौशल विकास के तहत 193 लाभार्थियों को लगभग 63.80 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग के लिए 6 लाभार्थियों को लगभग 4.43 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। स्टार्टअप सहायता के अंतर्गत 23 लाभार्थियों को लगभग 32.20 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। विवाह अनुदान के तहत 113 लाभार्थियों को कुल लगभग 2.24 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। गृह निर्माण सहायता के तहत प्रथम किश्त के रूप में 136 लाभार्थियों को लगभग 1.36 करोड़ रुपये तथा द्वितीय किश्त के रूप में 76 लाभार्थियों को लगभग 76 लाख रुपये जारी किए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत अप्रैल से नवंबर 2025 तक 751 लाभार्थियों को कुल लगभग 2.38 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ प्रदान किया जाए तथा योजना के प्रति अधिक जागरूकता फैलाने के लिए पंचायत स्तर तक जानकारी पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना राज्य सरकार की एक संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण देकर उन्हें सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।
इस अवसर पर जिला स्तरीय समिति द्वारा उच्च शिक्षा के दो, व्यावसायिक शिक्षा के एक, विवाह अनुदान के एक, गृह निर्माण के 21 तथा स्टार्टअप के पांच मामलों को अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा के 21, व्यावसायिक शिक्षा के दो तथा विवाह अनुदान के 11 मामलों को पूर्व कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। इन सभी मामलों पर कुल 28.75 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, अशोक कुमार ने सुख आश्रय योजना एवं सुख आश्रय कोष के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए जिला स्तरीय समिति के समक्ष योजना की प्रगति और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला, डीएसपी धर्मशाला निशा कुमारी सहित महिला एवं बाल विकास विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
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