विदेशी सेब होंगे महंगे, हिमाचल के उत्पादकों को नहीं होगा नुकसान
केंद्र सरकार की नीतियां बागवानों के हित में, विपक्ष कर रहा राजनीति : डॉ. जनक राज
एएम नाथ। शिमला
भाजपा नेता एवं भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों को डराने और गुमराह करने के लिए झूठी और भ्रामक जानकारी फैला रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों (FTA) को लेकर कांग्रेस जिस तरह की बयानबाजी कर रही है, उसका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।
डॉ. जनक राज ने बताया कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा सेब आयातक देश है। वर्ष 2024-25 में लगभग 5.57 लाख मीट्रिक टन सेब का आयात हुआ, जो देश के कुल घरेलू उत्पादन का करीब 21.9 प्रतिशत है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने ऐसी नीतियां लागू की हैं, जिनसे हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ हुए समझौते में सेब आयात के लिए सीमित कोटा (TRQ) तय किया गया है, जो वर्तमान आयात स्तर से भी कम है। इस कोटे को अगले 10 वर्षों में धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) ₹80 प्रति किलो निर्धारित किया गया है, जिससे सस्ते विदेशी सेब भारतीय बाजार में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
डॉ. जनक राज ने कहा कि विदेशी सेब की कीमत केवल आयात मूल्य तक सीमित नहीं होती। इसमें परिवहन, कोल्ड स्टोरेज और अन्य लॉजिस्टिक खर्च जुड़ने के बाद यह मंडियों तक पहुंचते-पहुंचते ₹120 से ₹150 प्रति किलो तक पहुंच जाता है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि विदेशी सेब सस्ते विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि प्रीमियम श्रेणी में ही उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय उत्पादकों को कोई सीधा नुकसान नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा कि न्यूजीलैंड और अमेरिका के साथ भी ऐसी व्यवस्थाएं बनाई गई हैं, जिनके तहत केवल उच्च गुणवत्ता वाले महंगे सेब ही आयात किए जाएंगे। इससे घरेलू बाजार में संतुलन बना रहेगा और स्थानीय किसानों की कीमतों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए डॉ. जनक राज ने कहा कि पार्टी के पास न तो तथ्यों की सही समझ है और न ही किसानों के प्रति संवेदनशीलता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए झूठ फैलाने का काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सेब बागवानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं।
अंत में डॉ. जनक राज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का बागवान अब जागरूक हो चुका है और वह भ्रामक प्रचार को पहचानता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी रहेगी और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
