शिमला डेंटल कॉलेज का नाम होगा ‘राजीव गांधी डेंटल कॉलेज’
ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स समाज को बेहतर जीवन-गुणवत्ता दे रहे हैं: सुक्खू
एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को शिमला में एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (एओएमएसआई) के हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के चौथे वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स का कार्य केवल रोगों का उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मरीजों का आत्मविश्वास लौटाने और उनकी जीवन-गुणवत्ता बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य में दंत चिकित्सा सेवाओं और शोध को बढ़ावा देने के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डेंटल हेल्थ रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा शिमला स्थित डेंटल कॉलेज का नाम बदलकर ‘राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला’ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ अनुसंधान एवं विशेषज्ञ सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने चिकित्सा विशेषज्ञों से नई तकनीकों को अपनाकर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में उपस्थित ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण और विशेषज्ञता से अनेक लोगों को नया जीवन और नया आत्मविश्वास मिलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे सम्मेलन चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान, नवीन तकनीकों के प्रसार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगे।
इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, कैलाश फेडरेशन के चेयरमैन बलदेव ठाकुर, डेंटल कॉलेज शिमला के प्राचार्य डॉ. योगेश भारद्वाज, एओएमएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता, हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. रंगीला राम सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
