सुबह, लंच ब्रेक और छुट्टी के समय दर्ज होगी उपस्थिति; शिक्षकों को यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मिलेंगे 5 हजार रुपये
एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में स्थापित 150 CBSE स्कूलों की व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इन स्कूलों में अब शिक्षकों और विद्यार्थियों की दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल दिवस के दौरान तीन चरणों में उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा। पहली उपस्थिति सुबह स्कूल पहुंचने के समय, दूसरी लंच ब्रेक के दौरान और तीसरी स्कूल की छुट्टी के समय दर्ज की जाएगी।
शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के इन CBSE स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड निर्धारित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड 1 अक्तूबर से अनिवार्य किया जाएगा। निर्धारित ड्रेस खरीदने में सुविधा के लिए सरकार शिक्षकों को एकमुश्त 5,000 रुपये की विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
वहीं, विद्यार्थियों की स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर फैसला अगले एक सप्ताह के भीतर लिया जाएगा।
1200 शिक्षकों की हो चुकी नियुक्ति
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि CBSE स्कूलों में करीब 1,200 शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है और आने वाले समय में और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य इन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को उनके घरों के नजदीक बेहतर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध करवाने पर सरकार का विशेष ध्यान है।
स्कूलों के सुधार के लिए अतिरिक्त 80 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार CBSE स्कूलों के सुधार और विद्यार्थियों व शिक्षकों की सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त 80 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएगी।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को घर-द्वार पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है।
शिक्षा विभाग को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को इन सभी फैसलों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने CBSE स्कूलों के संचालन और वहां उपलब्ध सुविधाओं में निरंतर सुधार करने पर जोर दिया।
बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, महाधिवक्ता अनूप रतन, सचिव शिक्षा राकेश कंवर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
