जून में कॉलेजियम ने की थी तीनों नामों की सिफारिश
नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से हाईकोर्ट की क्षमता होगी मजबूत
एएम नाथ। शिमला :-हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को तीन नए न्यायाधीश मिले हैं। केंद्र सरकार ने चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल की नियुक्ति को मंजूरी देते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद इन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की है।
इन नियुक्तियों में चिराग भानु सिंह को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जबकि भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल को अतिरिक्त न्यायाधीश (Additional Judges) के रूप में नियुक्ति मिली है। तीनों न्यायिक अधिकारियों के अनुभव को देखते हुए हाईकोर्ट की न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 2 जून 2026 को हुई बैठक में इन तीनों न्यायिक अधिकारियों को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में नियुक्त करने की सिफारिश की थी। कॉलेजियम की आधिकारिक सिफारिश में चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल के नाम शामिल थे। इसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी और अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी कर दी गई है।
चिराग भानु सिंह इससे पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बिलासपुर के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। वहीं भूपेश शर्मा हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत रहे हैं। योगेश जसवाल हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी, शिमला के निदेशक के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
तीनों न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति से हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायिक क्षमता बढ़ने और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। कॉलेजियम द्वारा सिफारिश किए जाने के समय हाईकोर्ट की स्वीकृत न्यायाधीश क्षमता 17 थी, जबकि 12 न्यायाधीश कार्यरत थे।
नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे मामलों की सुनवाई के लिए उपलब्ध न्यायिक क्षमता बढ़ेगी और लंबित मामलों के निस्तारण में मदद मिल सकती है। केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद अब तीनों न्यायिक अधिकारियों के कार्यभार संभालने के साथ हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली में भी नई मजबूती आने की उम्मीद है।
