डीसी जतिन लाल ने ग्राम सभाएं आयोजित करने और शिक्षण संस्थानों में जागरूकता बढ़ाने के दिए निर्देश
रोहित जसवाल। ऊना, 4 नवंबर। तंबाकू मुक्त युवा अभियान के तीसरे चरण में 112 गांवों को तंबाकू मुक्त बनाने के साथ ऊना जिला पूरे हिमाचल प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। इस उपलब्धि के बाद जिला प्रशासन ने अब अभियान के अगले चरण में शेष गांवों को भी तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। उपायुक्त जतिन लाल ने स्वास्थ्य विभाग, खंड चिकित्सा अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए सभी विभागों को आपसी तालमेल से अभियान को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त बुधवार को अपने कार्यालय के एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि 28 अक्तूबर से शुरू हुआ तंबाकू मुक्त युवा अभियान का चौथा चरण (टीएफवाईसी-4.0) 26 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान तंबाकू सेवन पर रोक लगाने, युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और संबंधित कानूनों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ग्राम सभाओं के माध्यम से गांवों तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
जतिन लाल ने पंचायत स्तर पर विशेष ग्राम सभाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। इनमें तंबाकू, खैनी, गुटखा और चिट्टे सहित अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। पंचायत प्रतिनिधियों को तंबाकू नियंत्रण में पंचायतों की भूमिका और उन्हें मिले अधिकारों की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे अपने क्षेत्रों में इस मुहिम को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकें।
कॉलेजों में होंगे जागरूकता सत्र, 100 गज के दायरे में बिक्री पर रहेगी नजर
उपायुक्त ने एसडीएम, डीएसपी और संबंधित बीएमओ को कॉलेजों का दौरा कर विद्यार्थियों के साथ जागरूकता सत्र आयोजित करने को कहा। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में तंबाकू मुक्त परिसर के निर्धारित मानकों का पालन करवाने और नियमित जागरूकता गतिविधियां चलाने पर जोर दिया। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को अपने कार्यालयों और कार्यस्थलों को तंबाकू मुक्त बनाने को कहा। शहरी स्थानीय निकायों को तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के लाइसेंस और निर्धारित शर्तों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। पुलिस, आबकारी एवं कराधान, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग को नियमित निरीक्षण करने तथा उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
तंबाकू नियंत्रण कानूनों के तहत होगी कार्रवाई
डीसी ने कहा कि अभियान के दौरान सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा), 2003, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019, हिमाचल प्रदेश तंबाकू नियंत्रण अधिनियम, 2016 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियमों के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
प्रवर्तन टीमों को खुले में सिगरेट और बीड़ी की बिक्री पर रोक लगाने तथा गुटखा, खैनी और अन्य प्रतिबंधित उत्पादों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। होटल, रेस्तरां और भोजनालयों में धूम्रपान निषेध नियमों का पालन करवाने के साथ हुक्का बार और अवैध अथवा तस्करी के सिगरेट बेचने वाली दुकानों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन और छद्म विज्ञापन पर रोक, आंगनबाड़ी केंद्रों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध तथा बस अड्डों और बस स्टॉप को धूम्रपान मुक्त रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला और ब्लॉक स्तर की प्रवर्तन टीमें नियमित अभियान चलाएंगी। शिक्षण संस्थानों के आसपास भी अनिवार्य रूप से निरीक्षण और कार्रवाई की जाएगी।
60 दिनों में छह क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
टीएफवाईसी-4.0 के तहत अभियान के 60 दिनों में छह प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें जन-जागरूकता गतिविधियां, तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ाना, तंबाकू मुक्त गांवों को प्रोत्साहित करना, कानूनों का प्रभावी प्रवर्तन, सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता और विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की भागीदारी शामिल है।
इससे पहले स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान में अंतरविभागीय समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। ऊना से उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया, उपायुक्त आबकारी विशाल गोरला, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने अधिकारियों को ‘तंबाकू मुक्त हिमाचल’ की शपथ दिलाई। उन्होंने प्रत्येक अधिकारी से कम से कम 10 लोगों को इस मुहिम से जोड़ने और उन्हें तंबाकू सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
टीएफवाईसी-3.0 में हिमाचल को मिला सर्वश्रेष्ठ राज्य का सम्मान
उल्लेखनीय है कि टीएफवाईसी-3.0 में बड़े राज्यों की श्रेणी में हिमाचल प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया था। प्रदेश में 4,800 के लक्ष्य के मुकाबले 9,677 शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि 360 के लक्ष्य के मुकाबले 574 गांव तंबाकू मुक्त घोषित किए गए।
इस उपलब्धि में ऊना जिले की अहम भूमिका रही। जिला 112 तंबाकू मुक्त गांवों के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। इसके अलावा 898 शिक्षण संस्थानों को भी तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में उपलब्धि दर्ज की गई। अभियान के दौरान जिले में 21 प्रवर्तन अभियान चलाए गए। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान के उल्लंघन के 692 चालान कर 67,770 रुपये जुर्माना वसूला गया। वहीं, खुले में सिगरेट बेचने और शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री से जुड़े उल्लंघनों पर आठ चालान कर 1,400 रुपये जुर्माना लगाया गया।
