12वीं में हुए फेल, कभी बेचते थे अगरबत्ती : जानिए कौन हैं UPSC के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने वाले मनोज सोनी?

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नई दिल्ली :  यूपीएससी के चेयरमैन मनोज सोनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सड़क पर अगरबत्ती बेचने से लेकर यूपीएससी के चेयरमैन तक का मनोज सोनी का सफर काफी प्रेरणादायक रहा है।

जानें मनोज सोनी ने क्यों दिया रिजाइन :   मनोज सोनी ने अपने निजी कारणों की वजह से कार्यकाल खत्म होने से पहले यूपीएससी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि वे गुजरात में स्वामीनारायण संप्रदाय की एक शाखा अनुपम मिशन से जुड़ना चाहते हैं। हालांकि, मनोज सोनी के इस्तीफे की वजह आईएएस ट्रेनी पूजा खेडकर नहीं है।

आइए, जानते हैं कौन हैं मनोज सोनी  – मनोज सोनी ने यूपीएससी के चेयरमैन  : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के चेयरमैन मनोज सोनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेजा है। हालांकि, अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चर्चा यह है कि मनोज सोनी ने व्यक्तिगत कारणों से अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया है। मनोज सोनी की सक्सेस स्टोरी काफी प्रेरणादायक है। एक समय था जब वह सड़कों पर अगरबत्ती बेचते थे। 12वीं के परीक्षा में फेल हो गए थे। सिर से पिता का साया उठ गया था। लेकिन, मनोज ने हार नहीं मानी और यूपीएससी के चेयरमैन पद तक का सफर तय किया। आईए, जानते हैं कौन हैं यूपीएससी के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने वाले मनोज सोनी।

सड़कों पर बेची अगरबत्ती :  डॉ. मनोज सोनी का जन्‍म 17 फरवरी 1965 को मुंबई में हुआ था। मनोज जब पांचवी में थे तभी उनके पिता का निधन हो गया। पिता के निधन के बाद घर परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां और उन पर आ गईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक समय आर्थिक स्थिति ऐसी हो गई कि परिवार के पालन पोषण और अपनी पढ़ाई के लिए उन्हें मुंबई की सड़कों पर अगरबत्ती तक बेचना पड़ा। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण मनोज की मां ने मुंबई छोड़ने का फैसला किया। 1978 में मनोज और उनकी मां मुंबई से गुजरात के आणंद आ गए। इस परिस्थिति में भी मनोज ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। उन्‍होंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई आणंद शहर से ही पूरी की। हांलांकि, 12वीं की परीक्षा में वह साइंस विषय में फेल हो गए थे। इसके बाद उन्‍होंने राज रत्‍न पीजी पटेल कॉलेज से आटर्स संकाय से पढ़ाई की। मनोज ने 12वीं के बाद बड़ोदरा के एमएस यूनिवर्सिटी से बीए और एमए की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मनोज ने सरदार पटेल विश्वविद्यालय, वल्लभ विद्यानगर से इंटरनेशनल रिलेशंस की पढ़ाई पूरी की।

दो बार हुए UPSC में फेल :   भले ही मनोज की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी, लेकिन उनके हौसले काफी बुलंद थे। बचपन से उनका सपना था कि वे आईएएस-आईपीएस की परीक्षा देकर अधिकारी बने। आगे चलकर उन्होंने दो बार यूपीएससी की परीक्षा भी दी, लेकिन पहली बार में जहां वह प्री में असफल रहे, वहीं दूसरी बार लिखित परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन इंटरव्‍यू में असफल हो गए। उनका यह सपना अधूरा रह गया।

2017 में ज्वॉइन किया UPSC :    सोनी ने 2017 में यूपीएससी में बतौर सदस्य ज्वॉइन किया था। 16 मई 2023 को उन्हें यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन का अध्यक्ष बनाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मनोज सोनी को प्रधानमंत्री मोदी का करीबी माना जाता है। दावा यह भी किया जाता है कि नरेंद्र मोदी ने ही 2005 में मनोज सोनी को वडोदरा के एमएस विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया था। जब वह कुलपति नियुक्त किए गए थे, उस समय उनकी उम्र केवल 40 वर्ष थी। संघ लोकसेवा आयोग में शामिल होने से पहले सोनी ने गुजरात में दो विश्वविद्यालयों में तीन कार्यकालों के लिए कुलपति के रूप में सेवा दी है।

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