एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के बार-बार होने वाले तबादलों के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एक कर्मचारी के स्थानांतरण आदेश पर तत्काल रोक लगा दी है। कर्मचारी ने 12 साल की सेवा में 11 तबादले होने का हवाला देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ ने सन्नी शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और कर्मचारी के तबादले से संबंधित पूरा मूल रिकॉर्ड अदालत में पेश करने के निर्देश दिए।
अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता ने अपनी मौजूदा पोस्टिंग पर अभी सिर्फ दो महीने ही पूरे किए थे। उसे न तो वर्तमान पद से रिलीव किया गया है और न ही उसने अपना चार्ज सौंपा है। वहीं, उसके स्थान पर स्थानांतरित किए गए कर्मचारी ने भी अभी तक जॉइनिंग नहीं दी है।
याचिका में बताया गया कि 12 वर्ष की नौकरी के दौरान यह कर्मचारी का 11वां तबादला है। मामले पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि रिलीविंग और जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी होने तक 11 सितंबर 2026 की ट्रांसफर नोटिफिकेशन पर रोक रहेगी।
अदालत ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ता और प्रतिवादी कर्मचारी के स्थानांतरण से संबंधित पूरा मूल रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
