एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को अपना 62वां जन्मदिन मनाया और इसके साथ ही वे जीवन के 63वें वर्ष में प्रवेश कर गए। इस मौके पर राजधानी शिमला स्थित उनके सरकारी आवास ओकओवर में सुबह से ही बधाई देने वालों का तांता लगा रहा । प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से समर्थक, कांग्रेस नेता और आम लोग मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देने पहुंचे।
कैबिनेट मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों ने भी ओक ओवर पहुंचकर मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी और देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर की मौजूदगी में केक काटा। जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री और उनके समर्थकों ने पारंपरिक हिमाचली नृत्य ‘नाटी’ भी किया, जिससे माहौल उत्सव जैसा बन गया।
जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया। उन्होंने सचिवालय कर्मचारियों की ओर से आयोजित मैराथन में भाग लेकर लोगों को नियमित व्यायाम और फिट रहने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम उनके जन्मदिन समारोह का खास हिस्सा रहा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा संघर्षों से भरी रही है और उन्हें चुनौतियों से लड़ना हमेशा अच्छा लगता है।
उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य सरकार के हालिया बजट से हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले चार महीनों में प्रदेश की आर्थिक स्थिति में और सुधार देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बजट में समाज के सभी वर्गों महिलाओं, युवाओं, किसानों और कर्मचारियों का ध्यान रखने की कोशिश की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेगा और आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबने इस दिन को सचमुच अविस्मरणीय बना दिया। उन्होंने कहा कि आप सबके स्नेह, विश्वास और शुभकामनाओं के लिए मैं हृदय की गहराइयों से कृतज्ञ हूँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपका अपनापन और अटूट विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। यही मुझे निरंतर समर्पण और निष्ठा के साथ जनसेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि मैं आप सभी ऊर्जावान साथियों एवं प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए अपने माताओं, बहनों और भाइयों के इस स्नेह और आशीर्वाद को अपनी ऊर्जा बनाकर प्रदेश को विकास, समृद्धि और नई ऊँचाइयों की ओर ले जाने में अपना पूर्ण योगदान देता रहूँगा।
