गढ़शंकर, 4 सितंबर: पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को स्वीकार करने के बजाय कथित तौर पर उनके खिलाफ गलत प्रचार करने और बार-बार बैठक का समय देने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा बैठक से पीछे हटने के विरोध में पंजाब मुलाजिम एवं पेंशनर्स सांझा फ्रंट तथा सांझा मुलाजिम मंच पंजाब की संयुक्त तालमेल कमेटी ने मंत्रियों के कार्यालयों और घरों के घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है।
इसी कार्यक्रम के तहत होशियारपुर और नवांशहर जिलों की तालमेल कमेटियों की बैठक पंजाब के कन्वीनर सतीश राणा की अध्यक्षता में हुई। बैठक के बाद फ्रंट एवं तालमेल कमेटी के नेताओं कुलदीप सिंह दौड़का, मुकेश कुमार, मक्खन सिंह वाहिदपुरी, विजय कुमार, कुलविंदर सिंह अटवाल, अमरीक सिंह, जीत लाल गोहलड़ों, बिक्रमजीत सिंह, इंद्रजीत विरदी, शाम सुंदर कपूर और बलवंत राम ने बताया कि 12 सितंबर को डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण रौड़ी के घर और कार्यालय का घेराव करने की विस्तृत योजना तैयार की गई है।
सतीश राणा ने कहा कि 12 सितंबर को दाना मंडी से जय कृष्ण रौड़ी के घर तक रोष मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों जिलों के विभिन्न विभागों से बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को लंबे समय से लंबित रखा जा रहा है। सरकार द्वारा मांगों का समाधान करने के बजाय कथित तौर पर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें जल्द लागू करना चाहिए।
इन मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का ऐलान
तालमेल कमेटी के नेताओं करनैल सिंह राहों, चंद्र शेखर, अशोक कुमार, विनोद कुमार राणा, कमलदेव, पवन गोयल, हंस राज, जीत बगवाई, भूपिंदर सिंह सड़ोआ, मक्खन लंगेरी, पवन गढ़ी, नरेश भम्मियां, हरजिंदर सून्नी, जसवीर रक्कड़, बलविंदर सिंह, सुखपाल सिंह, जगदीश सिंह और गुरदीप सिंह ने कहा कि कर्मचारियों एवं पेंशनरों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
उन्होंने बकाया 18 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्तें जारी करने, पेंशन को 2.59 के गुणांक से दोहराने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, अनरिवाइज्ड श्रेणियों के वेतन में 2.59 के गुणांक से संशोधन करने तथा सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की।
इसके अलावा मानदेय और इंसेंटिव वर्करों को न्यूनतम वेतन के दायरे में लाने, काटे गए सभी भत्ते बहाल करने तथा एसीपी योजना बहाल करने की मांग भी उठाई गई।
नेताओं ने 15 जनवरी 2015 के मूल वेतन पर नियुक्ति संबंधी पत्र तथा 17 जुलाई 2020 के केंद्रीय वेतनमान लागू करने संबंधी पत्र को रद्द करने और 12 जून 2025 की संशोधित सर्विस रूल्स संबंधी अधिसूचना वापस लेकर नए कर्मचारियों को पंजाब के वेतनमान देने की मांग की।
उन्होंने कर्मचारियों एवं पेंशनरों से विकास के नाम पर काटे जा रहे 200 रुपये मासिक टैक्स को वापस लेने, छठे वेतन आयोग के बकाये एकमुश्त जारी करने, वर्ष 2011 में लागू उच्चतर ग्रेड-पे बहाल करने तथा बंधा हुआ मेडिकल भत्ता बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी रखी।
इसके साथ ही जनवरी 2016 से वेतन और पेंशन संशोधन के समय 125 प्रतिशत महंगाई भत्ते को आधार बनाने, सातवें वेतन आयोग का गठन करने तथा कैशलेस हेल्थ स्कीम सभी कर्मचारियों और पेंशनरों पर लागू करने की मांग की गई।
नेताओं ने डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी केंद्र की तर्ज पर बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने और इसे बोर्डों, निगमों तथा अन्य संस्थानों के कर्मचारियों पर भी लागू करने की मांग की। उन्होंने अदालतों द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों के पक्ष में दिए गए फैसलों को सभी कर्मचारियों पर लागू करने की भी मांग उठाई।
बैठक में जोगिंदर सिंह, सतपाल, नरेश कुमार, गोपी राम, मनदीप कुमार, दिलावर सिंह, गुरनाम हाजीपुर, जगदीश लाल, ईशान मक्कड़, गुरनीत, हरमेश कुमार और रमन कुमार सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
