125 यूनिट निशुल्क बिजली को बंद नहीं किया गया और 300 यूनिट निशुल्क बिजली गरीबों को देंगे : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

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शिमला  : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में 125 यूनिट निशुल्क बिजली को बंद नहीं किया गया और 300 यूनिट निशुल्क बिजली गरीबों को देंगे।  अभी तक केवल लाखों रुपये का आयकर भरने वाले होटलों की सब्सिडी बंद की है। कर्मचारियों को पांच तारीख तक वेतन न मिलने पर उनके सहयोग के लिए धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आर्थिक स्थिति बेहतर होगी उन्हें डीए और एरियर भी देंगे।

नियम 130 के तहत भाजपा सदस्य जीतराम कटवाल की ऊर्जा व जल विद्युत नीति को लेकर चर्चा के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने हिमाचल के हकों को गिरवी रखा और बेचा है। हम इन हकों को लेकर रहेंगे। एसजेवीएन से 25 प्रतिशत के शेयर के लिए हक लेकर रहेंगे।

12 फीसदी बिजली हिमाचल को मिलेगी :   धौलासिद्ध, लुहरी और सुन्नी परियोजनाओं को लेकर सीधे तौर पर कहा है कि 12 प्रतिशत निशुल्क बिजली हिमाचल को देंगे। इस संबंध में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल को स्पष्ट कहा है कि हिमाचल के हितों को नहीं बेचेंगे और परियोजनाओं को टेकओवर कर लेंगे। ऊर्जा नीति में बदलाव का परिणाम है कि अब भविष्य में जो भी परियोजनाएं आवंटित होंगी उसमें पहले 12 साल के लिए रायल्टी 12 प्रतिशत, अगले 18 साल के लिए 18 प्रतिशत और बचे हुए 10 साल में रायल्टी 30 प्रतिशत देनी होगी। वहीं 40 वर्ष पूर्ण होने पर यह प्रोजेक्ट हिमाचल को वापस मिल जाएंगे।

23 परियोजनाओं को पंप स्टोरेज बनाया जाएगा :   उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय से अदाणी समूह को एक रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी जा रही थी, जिसे बंद कर दिया है। बिजली पर सात प्रकार की सब्सिडी दी जा रही है। इसका भी अध्ययन किया जा रहा है। पंप स्टोरेज पॉलिसी बनेगी। सीएम सुक्खू ने बताया कि सरकार पंप स्टोरेज पॉलिसी (Himachal Free Bijli) लाने जा रही है। 23 प्रोजेक्टों को पंप स्टोरेज आधार पर बनाया जाएगा। इसके आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे 22047 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।

ग्रीन हाइड्रो पावर उत्पादन वाला राज्य बना हिमाचल :   हिमाचल देश का पहला ग्रीन हाइड्रो पावर उत्पादन वाला राज्य बनेगा। इंडियन आयल के साथ इसे तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में 20990 मेगावाट क्षमता की 953 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसमें 11,251 मेगावाट क्षमता की 179 परियोजनाओं का दोहन पहले ही कर लिया गया है।  एक साल में 11 पंचायतों में लगेंगे सोलर प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जिले की दो पंचायतों में 500 किलोवाट से लेकर एक मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित कर रही है। पहले चरण में 11 पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के ग्राउंड सोलर पावर प्रोजेक्ट एक साल में लगाएगी। इनकी कुल क्षमता 5.5 किलोवाट होगी।

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