पंचायतों के विकास को मिलेगी रफ्तार, केंद्र ने बढ़ाया वित्तीय सहयोग: जय राम ठाकुर
पंचायतों को मिली बड़ी आर्थिक ताकत, राशि के पारदर्शी उपयोग की मांग
एएम नाथ। शिमला
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने 16वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं के लिए 3744 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और पंचायती राज मंत्रालय का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस आर्थिक सहयोग से प्रदेश की पंचायतों को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे।
जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 3650 से अधिक ग्राम पंचायतें हैं। ऐसे में 3744 करोड़ रुपये की राशि ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग है। उनके अनुसार इससे पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को गति मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 2102 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। वहीं, 16वें वित्त आयोग के तहत यह राशि बढ़कर 3744 करोड़ रुपये हो गई है। उनके अनुसार यह पिछली राशि के मुकाबले करीब 78.1 प्रतिशत की वृद्धि है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पंचायतों के लिए बढ़ाया गया वित्तीय सहयोग ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण स्तर पर विकास की प्रमुख इकाई हैं और उन्हें पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होने से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्य करना आसान होगा।
जय राम ठाकुर ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि केंद्र से प्राप्त धनराशि का पारदर्शी और प्रभावी तरीके से उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राशि का सही इस्तेमाल होने पर इसका अधिकतम लाभ ग्रामीण क्षेत्रों और आम जनता तक पहुंचाया जा सकेगा।
