कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप, 1984 के सिख विरोधी दंगों पर माफी मांगने की भी उठाई मांग
एएम नाथ। कांगड़ा। भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस आज लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। कांगड़ा में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह संसद में चर्चा चाहती है या सड़कों पर राजनीतिक बहस करना चाहती है। लोकसभा लोकतंत्र का मंदिर है, लेकिन कांग्रेस वहां लगातार कार्यवाही बाधित कर रही है।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व राजनीतिक रूप से असहज है और जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रहा है।
चुनाव पर सवाल हैं तो इस्तीफा दें राहुल गांधी : ठाकुर
राहुल गांधी की ओर से 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर उठाए गए सवालों पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस नेताओं को चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के अन्य नेताओं को अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के आसपास के लोग उन्हें यह समझा रहे हैं कि देश का संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाएं मजबूत रहेंगी तो उनका प्रधानमंत्री बनना संभव नहीं होगा।
ठाकुर ने दावा किया कि इसी सोच के तहत देश में अव्यवस्था फैलाने, गलत सूचनाएं प्रसारित करने और संवैधानिक संस्थाओं की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस पर चीन से फंडिंग लेने का आरोप
भाजपा सांसद ने कांग्रेस पर चीन से फंडिंग लेने और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन आरोपों पर देश के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। हालांकि, बातचीत के दौरान लगाए गए इन आरोपों के समर्थन में कोई विस्तृत प्रमाण प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख नहीं है।
1984 के सिख विरोधी दंगों पर कांग्रेस से माफी की मांग
पंजाब में कांग्रेस की ओर से आयोजित इंसाफ रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को पंजाब और देश के सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान सिखों पर बर्बर अत्याचार किए गए, उनके बाल काटे गए, गले काटे गए और महिलाओं के साथ यौन हिंसा की घटनाएं हुईं।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इन घटनाओं के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की। ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस नेता अपनी पार्टी और उसके तत्कालीन नेतृत्व की भूमिका को गलत मानते हैं तो उन्हें पंजाब जाकर सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।
