वादा खिलाफी के विरोध में पंजाब सरकार के खिलाफ कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन 31 मई को
दिल्ली मॉडल लागू करने की मांग तेज, एड्स कंट्रोल कर्मचारियों ने संघर्ष का किया ऐलान
चंडीगढ़। पुनीत महाजन : पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल इम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन ने पंजाब सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए 31 मई 2026 को मुख्यमंत्री पंजाब की निजी रिहायश संगरूर के बाहर विशाल रोष प्रदर्शन करने और सरकार का पुतला फूंकने का ऐलान किया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग पंजाब के अधीन कार्यरत कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार केवल आश्वासन दे रही है। एसोसिएशन के प्रधान जसमेल सिंह देओल ने बताया कि प्रदर्शन के दिन कर्मचारी वेरका प्लांट से एकत्र होकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे और घेराव करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और प्रशासन की होगी।
उन्होंने बताया कि इससे पहले 15 फरवरी 2026 को कर्मचारियों द्वारा स्वास्थ्य मंत्री की निजी रिहायश पटियाला में भी रोष प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद 18 फरवरी को हुई पैनल बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया गया था, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया था। साथ ही सरकार को चेतावनी दी गई थी कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री आवास संगरूर के बाहर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जसमेल सिंह देओल ने कहा कि लगभग तीन महीने बीत जाने के बावजूद कर्मचारियों की प्रमुख मांग, दिल्ली मॉडल के अनुसार 20 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ करीब 50 बैठकों के बावजूद कर्मचारियों को केवल आश्वासन ही मिले हैं।
एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी गुरजंट सिंह खन्ना ने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी ने वादा किया था कि सरकार बनने के एक महीने के भीतर कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर किया जाएगा और कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत तक वृद्धि की जाएगी, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में भी कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है।
यूनियन के प्रेस सचिव मुनीश ने कहा कि यह प्रदर्शन छुट्टी वाले दिन आयोजित किया जा रहा है ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो 2027 विधानसभा चुनावों के दौरान कर्मचारी घर-घर जाकर सरकार की वादा खिलाफी के बारे में जनता को जागरूक करेंगे।
