3 सितंबर तक चलने की संभावना, लंबे सत्र की तैयारी में जुटा विधानसभा सचिवालय
मानसून सत्र में अहम विधेयकों के साथ उपाध्यक्ष पद पर भी हो सकता है फैसला
एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होकर 3 सितंबर तक चलने की संभावना है। राज्य सरकार लंबे मानसून सत्र के पक्ष में है और इसी को ध्यान में रखते हुए विधानसभा सचिवालय ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विधानसभा और लोकभवन के बीच औपचारिक चर्चा के बाद जल्द ही सत्र की अधिसूचना जारी किए जाने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पहले ही संकेत दे चुके हैं कि इस बार मानसून सत्र अपेक्षाकृत लंबा आयोजित किया जाएगा, ताकि सरकार विभिन्न विधायी और नीतिगत विषयों पर विस्तृत चर्चा करा सके। इस संबंध में पिछली मंत्रिमंडल बैठक में भी विचार-विमर्श हुआ था। हालांकि उस समय 15 अगस्त के बाद की तिथियां तय करने का निर्णय लिया गया था।
सरकार की ओर से प्रस्तावित कार्यक्रम मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय कार्यवाही का विस्तृत कैलेंडर तैयार करने में जुट गया है। सत्र के दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल, सरकारी और गैर-सरकारी कार्यों के साथ विभिन्न विधेयकों पर चर्चा और पारित कराने की प्रक्रिया भी तय की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार इस मानसून सत्र में विधानसभा उपाध्यक्ष के लंबे समय से रिक्त पड़े पद को भरा जा सकता है। इसके अलावा सरकार चीफ व्हिप के पद पर नई नियुक्ति का भी ऐलान कर सकती है। इन फैसलों को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हैं।
मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक, नीतिगत निर्णय और विकास से जुड़े प्रस्ताव सदन के पटल पर रख सकती है। दूसरी ओर विपक्ष भी महंगाई, कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों, कर्मचारियों, आपदा प्रबंधन और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे में आगामी मानसून सत्र के राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने की संभावना है।