31,516 बलात्कार के मामलों में से 5,399 राजस्थान में ही दर्ज : 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 4,45,256 मामले दर्ज किए जो 2021 में 4,28,278 की तुलना में 4% ज्यादा

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नई दिल्ली : देश के विभिन्न पुलिस स्टेशनों पर दर्ज अपराधों पर एनसीआरबी ने नई रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, साल 2022 में महिलाओं और बच्चों पर हिंसा के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई है। महिलाओं से अपराध मामले में राजस्थान पहले नंबर पर है। रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध में 4%, 8.7% और 9.3% की वृद्धि हुई है। आर्थिक और भ्रष्टाचार से जुड़े अपराधों में भी 11.1% की वृद्धि हुई। 2022 में साइबर अपराध 24.4% तक बढ़ गए हैं।

“भारत में अपराध 2022” शीर्षक वाली एनसीआरबी की रिपोर्ट 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों से एकत्र किए गए आंकड़ों पर आधारित है। इसे शुक्रवार को जारी किया गया और रविवार को सार्वजनिक किया गया। एनसीआरबी रिपोर्ट में कम से कम पांच महीने की देरी हुई है। इसे आम तौर पर सालाना जुलाई या अगस्त तक सार्वजनिक किया जाता रहा है।

महिला अपराध काफी बढ़े : रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 4,45,256 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 में 4,28,278 की तुलना में 4% ज्यादा हैं। इसमें अधिकांश मामले पति-पत्नी या उनके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता (31.4%) के बाद अपहरण से संबंधित हैं। इसमें अपहरण (19.2%), शील भंग (18.7%) और बलात्कार (7.1%) के मामले अलग हैं।

महिला अपराध में राजस्थान पहले नंबर पर
2022 में कुल 31,516 बलात्कार के मामलों में से अधिकतम 5,399 राजस्थान से दर्ज किए गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश (3,690), मध्य प्रदेश (3,029), महाराष्ट्र (2,904) और हरियाणा (1,787) राज्य रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में पिछले साल 1,212 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए। प्रति लाख महिला जनसंख्या पर दर्ज अपराध दर 2021 में 64.5 की तुलना में 2022 में 66.4 रही।

बच्चों के खिलाफ हिंसा
2022 के दौरान बच्चों के खिलाफ अपराध के 1,62,449 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 की तुलना में 8.7% (1,49,404 मामले) की वृद्धि दिखाता है। इनमें से अधिकांश मामले अपहरण (45.7%) और 39.7% यौन अपराधों से संबंधित थे।

सीनियर सिटिजन के खिलाफ हिंसा
2021 में 26,110 मामलों की तुलना में 2022 में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध 9.3% बढ़कर 28,545 मामले हो गए। इनमें से अधिकांश मामले (7,805 या 27.3%) चोट के बाद चोरी (3,944 या 13.8%) और जालसाजी और धोखाधड़ी (3,201) से संबंधित रहे।

वहीं, एससी के खिलाफ अपराध 13.1% बढ़ गए हैं। 2021 में 50,900 मामलों से बढ़कर 2022 में 57,582 मामले हो गए। एसटी के खिलाफ अपराध में 14.3% की वृद्धि हुई।

एनसीआरबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक अपराधों में 11.1% (1,74,013 मामले) की वृद्धि हुई है। 2021 में 3,745 मामलों की तुलना में 2022 में 4,139 भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए, जो 10.5% की वृद्धि दर्शाते हैं। वहीं, साइबर अपराध 2021 में 52,974 की तुलना में 24.4% बढ़कर 65,893 मामले हो गए।

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