चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने रेप केस दबाने के बदले 5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपों को लेकर रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस की कॉपी सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से भेजे गए नोटिस में आरोपों को झूठा, निराधार और मानहानिकारक बताया गया है। नोटिस में कहा गया है कि डॉ. गुरप्रीत कौर ने किसी रेप मामले के आरोपी से न तो 5 करोड़ रुपये मांगे और न ही किसी अन्य प्रकार की राशि की मांग या स्वीकार की।
20 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला
नोटिस के मुताबिक, रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह ने 20 अगस्त 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. गुरप्रीत कौर पर गंभीर आरोप लगाए थे। इनमें रेप केस के आरोपी से 5 करोड़ रुपये मांगने का आरोप भी शामिल था।
नोटिस में कहा गया है कि ये आरोप तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना लगाए गए और इससे डॉ. गुरप्रीत कौर की सार्वजनिक एवं व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
कांग्रेस विधायक से रिश्तेदारी का भी नोटिस में जिक्र
नोटिस में रंजीत सिंह को कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा का करीबी रिश्तेदार बताया गया है। इसमें खैहरा को मुख्यमंत्री भगवंत मान का राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बताते हुए आरोपों के समय, तरीके और सोशल मीडिया पर उनके प्रसार को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, ये बातें नोटिस में लगाए गए दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
DD News के प्रसारण पर भी आपत्ति
कानूनी नोटिस में DD News के एक प्रसारण और सोशल मीडिया पोस्ट का भी उल्लेख किया गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि संबंधित आरोपों को पर्याप्त स्वतंत्र पुष्टि के बिना ‘ब्रेकिंग न्यूज’ के रूप में प्रसारित किया गया।
नोटिस में DD News Live के X पोस्ट को लेकर 72 हजार से अधिक व्यूज और करीब 72 शेयर होने का दावा भी किया गया है।
24 घंटे में सामग्री हटाने और माफी की मांग
नोटिस में कथित आरोपों से संबंधित पोस्ट और सामग्री को हटाने तथा सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है। इसके लिए नोटिस प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने को कहा गया है।
नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से दीवानी, आपराधिक और अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
जस्टिस रंजीत सिंह बोले- मुझे डर नहीं, कोर्ट में रखेंगे तथ्य
दूसरी ओर, पूर्व जस्टिस रंजीत सिंह ने कहा है कि उन्हें अभी तक कोई कानूनी नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यदि नोटिस मिलता भी है तो उन्हें किसी तरह का डर नहीं है।
रंजीत सिंह ने कहा कि जिसे जो करना है, वह अदालत जा सकता है। उनका कहना है कि वे अदालत में सभी तथ्य पेश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी ओर से कोई आरोप नहीं लगाया, बल्कि जनता के सामने अदालत के फैसले को रखा है।
अब दोनों पक्षों के बयानों के बीच यह मामला कानूनी विवाद का रूप लेता दिखाई दे रहा है। आगे अदालत या संबंधित पक्षों की ओर से होने वाली कार्रवाई से ही मामले की अगली तस्वीर स्पष्ट होगी।
