500 करोड़ रुपए के लेन-देन की बात : केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर के बेटे के तीन कथित वीडियो आए साहमने : मनजिंदर सिंह सिरसा का नाम आया, जिससे सिख राजनीति गरमा गई

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चंडीगढ़। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर के तीन कथित वीडियो जिसमें 500 करोड़ रुपए के लेन-देन की बात चल रही है के बीच तीसरे वीडियो में जिस प्रकार से दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा का नाम आया है उससे सिख राजनीति गरमा गई है।vऐसा पहली बार है कि जब किसी व्यक्ति ने इस प्रकार का आरोप लगाया हो कि कैसे पैसे को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जरिए बदला जाता रहा है। यह आरोप कनाडा के जगमनदीप सिंह ने वीडियो जारी करके लगाते हुए बताया कि यह कोई 500 करोड़ रुपये का मामला नहीं बल्कि 10 हजार करोड़ रुपये का मामला है। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने दस हजार करोड़ रुपए के लेन-देन के इस मामले में ईडी की चुप्पी पर सवाल उठाया है।
सिरसा ने खुलकर जवाब दिया,आरोप लगाने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी :
इन आरोपों का जहां मनजिंदर सिंह सिरसा ने खुलकर जवाब दिया है वहीं, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने आरोप लगाने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है जबकि शिरोमणि अकाली दल ने संदेह व्यक्त किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी इसलिए सुप्रीम कोर्ट अपनी देखरेख में इस मामले की जांच करवाए।
कांग्रेस के ईशारे पर किया जा रहा प्रतिष्ठा को धूल में मिलने का प्रयास : मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि जब डीएसजीएमसी का वार्षिक बजट ₹130 करोड़ है जबकि जिस वीडियो का जिक्र हो रहा है उसमें ₹10,000 करोड़ के मनी ट्रांसफर की बात हो रही है। किसी के लिए भी गुरुद्वारा कमेटी में इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर करना या ट्रांसफर वापस लेना संभव नहीं है। यह तथ्यों से परे एक काल्पनिक कहानी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इशारे पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रतिष्ठा को धूल में मिलने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि उन्होंने कांग्रेस के नेता कमलनाथ पर 1984 के सिख कत्लेआम में गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब के बाहर निर्दोष सिखों की हत्या में उनकी भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। सिरसा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह से अपील की है कि वह डीएसजीएमसी के खातों की जांच कराएं और गुरुद्वारों की संस्थाओं को बदनाम करने वालों के निदंनीय प्रयासों पर ध्यान दें।

दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका : उधर, आज दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका ने भी अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा है कि यह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों को राजनीति के लिए बदनाम करने की साजिश है ।उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ राजनेता अपने निजी हितों के लिए गुरुद्वारा समितियों को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीएसजीएमसी के खाते पारदर्शी हैं और सभी के देखने के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों से दान की नीति के तहत अब तक मात्र 16.47 करोड़ रुपए ही कुल मिले हैं और कहा जा रहा है कि करोड़ों रुपए का लेन-देन हुआ है।

मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की:जबकि पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा गुरुद्वारा फंड का दुरुपयोग करने और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। मजीठिया ने कहा, ”यह पहली बार है कि ‘गुरु की गोलक’ के दुरुपयोग के बारे में ऐसा आरोप लगाया गया है इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। सिरसा के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय सचिव और प्रधानमंत्री व गृहमंत्री दोनों के करीब होने के कारण , केंद्रीय एजेंसियां इस मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करने में सक्षम नहीं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इन आरोपों की जांच करनी चाहिए और समयबद्ध तरीके से मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए”।

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