चंडीगढ़ : हार्ट संबंधी बीमारियां आजकल तेजी से बढ़ रही हैं। कभी 60 के बाद होने वाला हार्ट अटैक आज 20-30 की उम्र वाले युवाओं में भी बढ़ता जा रहा है। ज्यादातर मामलों में इसके पीछे की वजह असल में हमारा खानपान और ओवरऑल लाइफस्टाइल ही है।
कई बार तो रोजमर्रा की बेहद छोटी-छोटी आदतें ही हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन जाती हैं। डॉ श्रेया गर्ग एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताती हैं एक जापानी कार्डियोलॉजिस्ट ने अपनी रिसर्च में पाया कि 80% हार्ट अटैक सुबह की 1 आदत से शुरू होते हैं। ये आदत इतनी सामान्य है कि ज्यादातर लोग डेली बेसिस पर इसे दोहराते हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
22 साल की रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बात
डॉ श्रेया के मुताबिक, जापानी कार्डियोलॉजिस्ट ने करीब 22 सालों तक ऐसे मरीजों पर रिसर्च की, जो पेपर पर पूरी तरह फिट थे। इनका वजन सामान्य था, ये स्मोकिंग नहीं करते थे और हार्ट अटैक की कोई फैमिली हिस्ट्री भी नहीं थी। इसके बावजूद भी 40 से 50 की उम्र के बीच इन मरीजों को हार्ट अटैक का सामना करना पड़ा। दरअसल इन सभी मरीजों में एक चीज कॉमन पाई गई, वो ये थी कि ये सभी अपने दिन की शुरुआत ही ‘स्ट्रेस मोड’ में करते थे। यानी जैसे ही आंख खुली, शरीर तुरंत एक्टिव मोड में चला गया। ये आदत धीरे धीरे दिल पर भारी पड़ने लगी।
सुबह को जल्दी खड़े होना बन सकता है खतरा
डॉक्टर बताती हैं कि सबसे बड़ी गलती है सुबह आंख खुलते ही तुरंत खड़े हो जाना। ज्यादातर लोग ये गलती रोजाना दोहराते है। दरअसल दिक्कत ये है कि उनका दिमाग तो उठ जाता है लेकिन शरीर उस वक्त तक नहीं उठ पाता, जिसका खामियाजा दिल को भुगतना पड़ता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ने लगता है, स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का लेवल बढ़ने लगता है और ब्लड वेसल्स संकुचित होने लगती हैं। युवा दिल के लिए ये एक तरह का स्ट्रेस होता है और वहीं बुजुर्ग दिल के लिए किसी खतरे से कम नहीं होता है।
सुबह के 60 सेकेंड तय करते हैं आगे के 24 घंटे
रिसर्च में कार्डियोलॉजिस्ट ने पाया कि सुबह के शुरुआती 60 सेकेंड आपके दिल के लिए बाकी के 24 घंटे डिसाइड करते हैं। अगर आप लेटने के बाद अचानक उठकर खड़े हो जाते हैं, तो आपका पूरा सिस्टम पैनिक कर जाता है। आपको लग रहा होता है कि आप उठ रहे हैं, वहीं आपकी बॉडी को महसूस होता है कि कोई अटैक हो रहा है।
फिर सुबह उठने का सही तरीका क्या है?
डॉ श्रेया बताती हैं कि जापानी अस्पतालों में सुबह उठने का थोड़ा अलग तरीका फॉलो किया जाता है। इसके मुताबिक आपको सुबह उठते ही खड़े नहीं हो जाना है, बल्कि कुछ देर ऐसे ही लेटे रहना है। धीरे-धीरे 4 बार छोटी सांस लें, फिर सिर झुकाकर बैठ जाएं और लगभग 10 सेकेंड ऐसे ही रहें। इसके बाद कहीं जा कर खड़े हों। इस छोटी सी आदत से शरीर को एडजस्ट होने का समय मिलता है और अचानक हार्ट पर दवाब नहीं पड़ता।
30 दिनों बाद ही मरीजों में हुए ये बदलाव
डॉक्टर कहती हैं कि इस तरह से अपने दिन की शुरुआत करने पर मरीजों में काफी अच्छे रिजल्ट देखने को मिले। जैसे सुबह कोर्टिसोल हार्मोन का 35% कम बढ़ना, नसों पर 52% कम दबाव होना, एनर्जी लेवल बेहतर होना और दिल की घबराहट कम होना। कुछ लोगों में तो छाती में होने वाला दबाव भी बिल्कुल ना के बराबर हो गया। इसके लिए किसी दवा या डिवाइस का सहारा नहीं लिया गया। सिर्फ ये छोटी सी आदत थी, जिससे बॉडी में पॉजिटिव बदलाव देखने को मिले।
