9 जिलों की जिला परिषदों नहीं मिला बहुमत.….आम आदमी पार्टी के लिए पंजाब में मुसीबत

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चंडीगढ़ : पंजाब में ब्लॉक समिति और जिला परिषद के चुनाव संपन्न हो चुके हैं और अब उनके नतीजे सामने आ गए हैं। आम आदमी पार्टी इन चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन वह 22 जिला परिषदों में से 9 जिलों में अपने दम पर स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर पाई है।

इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने कुल 357 जिला परिषद सीटों में से 218 सीटें जीती हैं। हालांकि, जिला स्तर पर नतीजों का विश्लेषण किया जाए तो पार्टी कई अहम जिलों में बहुमत से दूर नजर आती है। एक तरफ शिरोमणि अकाली दल ने दो जिला परिषदों में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि कांग्रेस को एक जिला परिषद में बहुमत मिला है। वहीं, रूपनगर जिला परिषद में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस बराबरी पर खड़ी हैं। इसके अलावा चार ऐसे जिले भी हैं, जहां आम आदमी पार्टी एक से तीन सीटों के अंतर से बहुमत हासिल करने से चूक गई।

आमतौर पर पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समिति के चुनाव विधानसभा चुनाव के एक साल बाद कराए जाते हैं, लेकिन इस बार चार साल बाद ये चुनाव हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार के नतीजे एंटी-इनकंबेंसी से प्रभावित नजर आते हैं। अब आम आदमी पार्टी को जिला परिषदों में सत्ता हासिल करने के लिए अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन लेना होगा।

पंजाब के सबसे बड़े और प्रभावशाली जिले लुधियाना की बात करें तो यहां जिला परिषद की कुल 25 सीटें हैं। आम आदमी पार्टी ने 11 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस को 8 सीटों पर जीत मिली है। इसके अलावा अकाली दल के तीन नेता जीते हैं। वहीं तीन अन्य निर्दलीय उम्मीदवार भी जीतकर आए हैं, जिन्हें शिरोमणि अकाली दल का समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है। मनप्रीत सिंह अयाली की भूमिका भी यहां अहम मानी जा रही है। ऐसे में लुधियाना में निर्दलीय उम्मीदवार ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकते हैं।

शिरोमणि अकाली दल ने बठिंडा और मुक्तसर में बेहतर प्रदर्शन किया है। बठिंडा में पार्टी ने 17 में से 13 जिला परिषद सीटें जीती हैं। वहीं मुक्तसर में पार्टी को कुल 13 सीटों में से 7 पर जीत मिली है।

शहीद भगत सिंह नगर की बात करें तो यहां कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है। कांग्रेस ने 10 में से 6 जिला परिषद सीटें अपने नाम की हैं, जबकि आम आदमी पार्टी को 4 सीटें मिली हैं। कपूरथला में जनादेश बंटा हुआ नजर आया है। यहां आम आदमी पार्टी ने 4 सीटें जीती हैं, कांग्रेस को 3 सीटें मिली हैं और शिरोमणि अकाली दल को 1 सीट पर जीत मिली है। इसके अलावा 2 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव जीतने में सफल रहे हैं।

गौर करने वाली बात यह है कि इन चुनावों से पहले हुए पंजाब के अर्बन लोकल बॉडी चुनावों में भी आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया था। लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में भी पार्टी को पूर्ण बहुमत से दूर रहना पड़ा था।

 

 

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